कासी-कोत्वाळ कासि कु- कोत्वाळ बड़ि कन डरांद जिंदगी. सयूं-सयूं धरु-धरु लिजै, कन रुलांद जिंदगी.. आज कु दिन-कनु कटे, भोळ की...
साहित्य जगत
अबकु-तबकु बच्पना घर भितर घुटि रै आंद, अब जमना बच्चों बच्पना. मोबैल म गुमसुम रांद, अब जमना बच्चों बच्पना.. दाजी...
"मानव धर्म शिखा" मैं हिन्दू हूं वह मुस्लिम है, यह दृष्टि बदल डालो। मानव हो तो मानवता का, दुःख दर्द...
एक छौ गांधी गांधी जी का तीन बांदर, नि रैग्या अब. झड़ि को बाघ - बांदरौं थैं, खैग्या अब.. चार-पीढ़ी,...
वर्डसप कि दुन्या वर्डसप कि दुन्यम , कतगा बानी-लिख्वार छन. क्वी कविता-कानी-चुटकला, क्वी-गितार छन.. क्वी छुयाळ, क्वी भलि-भलि बतौं का...
मिं पुरणु बग्त छुं एक-हैंका नजरोंम, अबि बि-मिं अकरु छूं. चंदी भौ-मुलौं कबि, अबत-फट्यूं चदरु छूं.. समै का दगड़ि, घटदि-...
पितरौं-श्राद्ध श्राद्ध ऐगे- श्राद्ध ऐगे, बच्चों मेरी- याद ऐगे. चार निसरौ-मेरा नवां, निकाऴि खांदा धरेगे.. सालभर म एक दिन, मेरा...
न ईं धार-न वीं धार सचम छैं- छौ कबि, खटकदार मीं. सचम छैं- छौ कबि, झटकदार मीं.. अपण मुलका,लौ-बॉण रै...
देस-दुन्या घूमा खूब घूमा-फिरा, देस-दुन्या सब लोग. एक जगा कख टिक्यां रंदी, अब लोग.. पैलि-गौंम बित, कख रैंद छा-एक जगा,...
परिवार की रौनक होती है बेटियां, आँगन की शोभा होती है! सौभाग्य की प्रतीक होती बेटियां है, मधुर मन की...
