दर्पणप्रतिबिंब देखने को पूरा दर्पण आधा पूरा हैलेकिन दूरी तय कर लो तो उसके बिना अधूरा हैदर्पण के हो बहुत...
साहित्य जगत
मन चलो करो सीमोल्लंघन। बिन छोड़े मर्यादा बन्धन।। अतल गगन का है आमन्त्रण। नव नवल क्षितिज का आकर्षण।। अज्ञात पंथ...
हम लचार नि छवां हम कुछ बि छवां, पर- लाचार नि छवां. आजबि अपड़-पर्या फरि, भार नि छवां.. लेन-देन आफत-बिपत,...
माँ कालिंका मेरि बड्यर्यूं कि कालिंका माँ, दैंणी ह्वेकि जै. आस लेकि- औंला हम, माँ- खुसी देकि जै.. तेरा थानम...
सूंणा मींथैं अपड़ा- पहाऽड़ि हूंणा, गर्व चा. हमर लोगौं - आगास छूंणा, गर्व चा.. अब नि रैग्या, भूरु- घूरू अर...
सुद-मति भला करम करा, यो दिखलौ-सब भरम च. भितनै कुछ- भैनै कुछ, यो त- खटकरम च.. कुकरमी मनखी, भला करम...
रिस्ता-नाता नाता- रिस्तौं कु, कनु- अलबेलु सफर चा. गौं- परिवारम, नाता- रिस्तौं झर- फर चा.. ब्वे-बुबा-ब्वाडा- भै-भैंणा, रैं- सदनि बड़ा,...
नवदुर्गा नौ दिनौं म-माँ नवदुर्गा, सब्यूं उबारी दे. बिघ्न- बाधा- सबकि हारी , माँ तारी दे.. सालम द्वी बार ऐकी,...
करम करिल्या-भला करम, नि करा-खटकरम भयो. गरीब- गुरबौ मदद कनुबि, हमरु- धरम भयो.. बड़ा-बड़ा तिलक लगै, पूजापाठ करै क्य होलु,...
एक दिन एक दिन यख बटि सब्यूंन, सटगुणूं च. कांच माफिक टुटणु च, अर चटगुणूं च.. इनि- बिगरैली बड़ींच, य...
