सूंणा मींथैं अपड़ा- पहाऽड़ि हूंणा, गर्व चा. हमर लोगौं - आगास छूंणा, गर्व चा.. अब नि रैग्या, भूरु- घूरू अर...
साहित्य जगत
सुद-मति भला करम करा, यो दिखलौ-सब भरम च. भितनै कुछ- भैनै कुछ, यो त- खटकरम च.. कुकरमी मनखी, भला करम...
रिस्ता-नाता नाता- रिस्तौं कु, कनु- अलबेलु सफर चा. गौं- परिवारम, नाता- रिस्तौं झर- फर चा.. ब्वे-बुबा-ब्वाडा- भै-भैंणा, रैं- सदनि बड़ा,...
नवदुर्गा नौ दिनौं म-माँ नवदुर्गा, सब्यूं उबारी दे. बिघ्न- बाधा- सबकि हारी , माँ तारी दे.. सालम द्वी बार ऐकी,...
करम करिल्या-भला करम, नि करा-खटकरम भयो. गरीब- गुरबौ मदद कनुबि, हमरु- धरम भयो.. बड़ा-बड़ा तिलक लगै, पूजापाठ करै क्य होलु,...
एक दिन एक दिन यख बटि सब्यूंन, सटगुणूं च. कांच माफिक टुटणु च, अर चटगुणूं च.. इनि- बिगरैली बड़ींच, य...
कासी-कोत्वाळ कासि कु- कोत्वाळ बड़ि कन डरांद जिंदगी. सयूं-सयूं धरु-धरु लिजै, कन रुलांद जिंदगी.. आज कु दिन-कनु कटे, भोळ की...
अबकु-तबकु बच्पना घर भितर घुटि रै आंद, अब जमना बच्चों बच्पना. मोबैल म गुमसुम रांद, अब जमना बच्चों बच्पना.. दाजी...
"मानव धर्म शिखा" मैं हिन्दू हूं वह मुस्लिम है, यह दृष्टि बदल डालो। मानव हो तो मानवता का, दुःख दर्द...
एक छौ गांधी गांधी जी का तीन बांदर, नि रैग्या अब. झड़ि को बाघ - बांदरौं थैं, खैग्या अब.. चार-पीढ़ी,...
