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September 12, 2026

साहित्य जगत

मन चलो करो सीमोल्लंघन। बिन छोड़े मर्यादा बन्धन।। अतल गगन का है आमन्त्रण। नव नवल क्षितिज का आकर्षण।। अज्ञात पंथ...

माँ कालिंका मेरि बड्यर्यूं कि कालिंका माँ, दैंणी ह्वेकि जै. आस लेकि- औंला हम, माँ- खुसी देकि जै.. तेरा थानम...

रिस्ता-नाता नाता- रिस्तौं कु, कनु- अलबेलु सफर चा. गौं- परिवारम, नाता- रिस्तौं झर- फर चा.. ब्वे-बुबा-ब्वाडा- भै-भैंणा, रैं- सदनि बड़ा,...

करम करिल्या-भला करम, नि करा-खटकरम भयो. गरीब- गुरबौ मदद कनुबि, हमरु- धरम भयो.. बड़ा-बड़ा तिलक लगै, पूजापाठ करै क्य होलु,...