निकमु-बग्त मोल- भौ न-पूछ कैसे, बग्त निकमू ऐगे आज. ना नि बोल़- कै बातौ, हांजि- हांजि रैगे आज.. भेड़चाला- यो...
साहित्य जगत
सत-करम जिंदगी भर करम करि, अब कुछ धरम करिले. तनि कटिगे यो जीवन, अब ज्यू भरम करिले.. इत्गा त तू-जांड़िगे...
जतन जतन से कर्यूं काम, समै फरि निभि जांद. छ्वटि-म्वटि कमि-बिसी, अफी छुपि जांद.. करण वऴा से-बल, भूल- बिसर हूंदी...
बालिकाये सरल हृदय की होती है बालिका सरस्वती की वाणी होती है, बालिका ही दुर्गा कल्याणी होती है। बालिका को...
झंडा बरदार कै- न- कै पार्टी का, झंडा- बरदार छवा हम. अपड़ौ से बैस- बाजि कना, सरदार छवां हम.. अपड़ौंम...
भू-कानून अपड़ा हक-हकूक कि, आवाज उठौ चल. भू-कानून कू- हक चैंणू, हल्ला- मचौ चल.. चुप रैंण-सैंणा बगत, अब-कब तलक रौलू,...
मानवीय संवेदनाओं से घिरी है बहुत तिरस्कृत हुई है नारी। जब भी उसने कुछ कहना चाहा उसे मान मर्यादा का...
राष्ट्र भाषा हिन्दी जन-गण-मन की अभिलाषा राष्ट्र भाषा हिन्दी, भारत मां के ललाट पर चमकती यह स्वर्ण बिन्दी, भारतीय भाषाएं...
छांतु-जांठु-झोळा छांतु- जांठु- झोळा, अज्यूं बि- बच्यूं चा. छांतु-जांठा सार, उंदार-उकाऴ चढ्यूं चा.. घर-गौंम छांतु-जांठु हि रैंद, सारू-उनारू, यूंका भोऽर...
बुलंदी संस्था की ओर से हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत चमोली जिले के गोपेश्वर में सुभाष चौक के निकट प्रतीक्षालय में...
