ठाठ-बाट ठाठ- बाट कि- या जिंदगी, कै घाट ह्वेगे. रात- दिन दौड़दी जिंदगी, इक बाट ह्वेगे.. खुटि म खुटि धरि,...
साहित्य जगत
घाम-छैल मारि- धारि कुछ-नि, घैल ह्वे जिंदगी. इनि - किलै, घाम - छैल ह्वे जिंदगी.. करणि- धरणि बगैर, निठलि सी...
मंथा अर मन्खि जनि बि हो-यीं मंथान्, अपणु-मरम नी छोड़. कनि बि हो- मन्खिल बि, खटकरम नी छोड़.. सालभरा- बारा...
श्री नारायण कृष्ण मुरारी श्री नारायण श्रीकृष्ण मुरारी देवकीनन्दन असुरनिकन्दन तुमको बारम्बार नमन अष्टमी तिथि नक्षत्र रोहिणी वृष लग्न पुण्य...
नौछमि-नारैंण नौछमि नारैंण छु मीं, जन्म ल्यूंलु आज. मना मंसा पूरि करलु, मंग्यूं- द्यूंलु आज.. मिंछु दगड़्यूं-कु दगड़्या, मिन-दग्ड़ु निभै,...
अपड़ा-हाल अपड़ा हाल देखि, ज्यू-ज्यान खिजणूं च. कोच यो, जो मीं-भलु आदिम बोल़णूं च.. बचपना आंडि- बांडि, बुढापा तक चलीं,...
उर्ययूं काम क्वि बि उर्ययूं काम, जब न तब पुर्यये जांद. ऐंडा- बैंडौं कु, कबि-कबि ऑखि घुर्यये जांद.. पैंसा ह्वे...
एक-दिन बक्त फरि- कमयूं पैंसा, खरचण पोड़द. ये जीवन छैंद- वीं पैंसा, बरतण पोड़द. निलै- निखै जीवन, मस्स-मसिकि जांद, जंक-...
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय में रविन्द्र कुमार सैनी के अंग्रेजी काव्य संग्रह My...
बग्त कि धुरि बग्त की धुरि- घूमि-फिरि, अज्यूं- वखि आंद. सयूं- सयूं दौड़णां बाद बि, यो ज्यू-यखि आंद.. मन्खी मन...
