उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द में योग परिवार की तरफ से तीज महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन...
नारी मंच
प्रदर्शनकारी नहीं हैं छात्र हैं हम राजनीति नहीं चाहते न्याय चाहते हैं हम कई सालों से भरोसा किया है इसीलिए...
अंतर्मन का वाद विवाद एक जंग है जिसने इसे पढ़ा नहीं वो जीवन की कठिनाइयों को समझा ही नहीं अरे...
आओ जनता अब तो आओ होशो हवाश में ना आओ अब चुनावी जुमले के आगोश में, गांव अपना समर्पण करने...
हां ! असफलता जब जब खुद को दोहराती है हमें बहुत कुछ नया सिखाती है मेरी कलम से मेरा नाता...
सुनो आज कुछ लिखूं, इसका ख्याल आया है तो लिखूं क्या ये ख्याल ही नहीं बन पाया है, तो सोचा...
अपारदर्शी घटना से जब एक भावपूर्ण इंसान का भाव शून्य हो जाता है जब गुजरता है इंसान इस राह से...
बहुत ज्यादा सोचने वाले लोग खुद के लिए बुरे होते हैं खुद को विचारों के आगोश में थामे नहीं दे...
खुद की खामोशी में छिपे शोर से एक रोज रिहा हो जाएंगे जब तब बताएंगे पहचाना तो सही थोड़ा जान...
विचारों में नकारात्मकता का प्रवेश यूं ही नहीं होता, साफ मन का छले जाना, अलगाव का भाव मिल जाना, सही...
