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September 14, 2026

साहित्य जगत

बदलेंदु-बग्त सिवऴु सी जमि ग्या, दिल- दिमाग फरि. बस नि रौ, भैर-भित्रा जऴदि आग फरि.. क्य ब्वन-कैम ब्वन, कुछ नि...

गढ़वऴि भाषा दिवस गढ़वऴि भाषा कु दिवस च, बल आज. भाषा अपड़ि हमन बचांण, चल आज.. गढ़वऴि ब्वाला- बच्यावा, याच...

श्री नारायण कृष्ण मुरारी श्री नारायण श्रीकृष्ण मुरारी देवकीनन्दन असुरनिकन्दन तुमको बारम्बार नमन अष्टमी तिथि नक्षत्र रोहिणी वृष लग्न पुण्य...

नौछमि-नारैंण नौछमि नारैंण छु मीं, जन्म ल्यूंलु आज. मना मंसा पूरि करलु, मंग्यूं- द्यूंलु आज.. मिंछु दगड़्यूं-कु दगड़्या, मिन-दग्ड़ु निभै,...

अपड़ा-हाल अपड़ा हाल देखि, ज्यू-ज्यान खिजणूं च. कोच यो, जो मीं-भलु आदिम बोल़णूं च.. बचपना आंडि- बांडि, बुढापा तक चलीं,...

उर्ययूं काम क्वि बि उर्ययूं काम, जब न तब पुर्यये जांद. ऐंडा- बैंडौं कु, कबि-कबि ऑखि घुर्यये जांद.. पैंसा ह्वे...

एक-दिन बक्त फरि- कमयूं पैंसा, खरचण पोड़द. ये जीवन छैंद- वीं पैंसा, बरतण पोड़द. निलै- निखै जीवन, मस्स-मसिकि जांद, जंक-...