अंतर्मन का वाद विवाद एक जंग है जिसने इसे पढ़ा नहीं वो जीवन की कठिनाइयों को समझा ही नहीं अरे...
poetry
मेरे महबूब तेरी सूरत हजारों में एक मूरत नजाकत शोख बांकापन यही उसकी अदाएं हैं मेरे महबूब की सूरत... कभी...
चल चला चल तू चला चल जा चुका जो घर के अंदर उसकी मर्जी उसका करतब राह जो थामी थी...
तुम सुनो तो फिर से अपनी बात कर लें दिल के भीतर सिल चुके जज्बात कह लें मिट गये थे...
कलम खामोश कलम खामोश कर दी अब लगा कर रोप कर दी तब रखे थे जो तखत पर सब जला...
सबसे प्यारा, सबसे निराला, है विश्व में खूबसूरत उत्तराखंड हमारा, यहाँ की मिट्टी की खुशुबु है निराली, यहाँ चारों ओर...
बेशक कहने को आजाद हैं हम , सोचो क्या सच में आजाद हैं हम, आधुनिकता ने बाँध लिया सबको अपने...
कभी हवा में तो कभी पानी से घनघोर प्रलय हो रहे हैं, किस भूल की सजा मिल रही है, जो...
आओ जनता अब तो आओ होशो हवाश में ना आओ अब चुनावी जुमले के आगोश में, गांव अपना समर्पण करने...
एक हादसा- ना जाने कितनी कहानियां अधूरी रह गयी, एक हादसा- ना जाने कितनी निशानियां बुझ गयी, कइयों की मंजिलें...
