Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 12, 2026

उत्तराखंड रजत जयंती वर्ष पर युवा कवि सूरज रावत की कविता- सबसे प्यारा, सबसे निराला

सबसे प्यारा, सबसे निराला,
है विश्व में खूबसूरत उत्तराखंड हमारा,
यहाँ की मिट्टी की खुशुबु है निराली,
यहाँ चारों ओर छायी रहती है हरियाली,
यहाँ है शिव का वास, माँ दुर्गा का निवास
कण कण में बहती शुद्ध कोमल हवा,
पेड़ों की जड़ों से निकलता निर्मल शीतल जल,
और यहाँ की वाणि में है अद्भुत मिठास, (कविता जारी अगले पैरे में देखिए)

गंगा जमुना की बहती है यहाँ धारा,
गौमुख से निकली है गंगा, है इधर सरयू का किनारा,
यहाँ है गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्री केदार,
ऊँची चोटी में है ॐ पर्वत और पंचाचूली, यहाँ आदिकैलाश,
हिमालय की चोटियों में हैं शंकर जी विराजमान,
हर धर्म , हर संस्कृति का होता है यहाँ सम्मान, (कविता जारी अगले पैरे में देखिए)

वर्ष भर लगी रहती है सैलानियों की भरमार,
उत्तराखंड की खूबसूरती की महिमा है अपरम्पार,
कुमाऊं , गोरखा , गढ़वाल राइफल के जवान यहाँ से निकलते हैं,
खेल हो या शिक्षा , हर क्षेत्र में यहाँ के युवा अपना परचम लहराते हैं,
सबसे प्यारा, सबसे निराला ,
है विश्व में खूबसूरत उत्तराखंड हमारा।
कवि का परिचय
सूरज रावत, मूल निवासी लोहाघाट, चंपावत, उत्तराखंड। वर्तमान में देहरादून में निजी कंपनी में कार्यरत।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।