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June 7, 2026

एसआरएचयू और जापान की यूनिवर्सिटी ऑफ सुकुबा के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को मिलेगी नई गति

जापान की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ सुकुबा के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट का दौरा कर दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने अपने संबोधन में दोनों विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. डोभाल ने कहा कि दोनों संस्थान अपनी-अपनी विशेषज्ञताओं का लाभ उठाते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शोध अनुदानों के लिए संयुक्त रूप से आवेदन करने की संभावनाओं को तलाशेंगे। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय की ‘लाइफ का कंपस’ थीम के अनुरूप छात्रों को सही दिशा, कौशल और वैश्विक अवसर प्रदान प्रदान करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रति कुलपति डॉ. ए.के. देवराड़ी ने दोनों विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं के बीच साझा किए गए विभिन्न शोध सहयोग प्रस्तावों की जानकारी दी और भविष्य में संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेंद्र चौहान ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, स्वास्थ्य सेवाओं, शोध गतिविधियों, संस्थागत विकास तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जापान से आए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ सुकुबा के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. ओहनेदा ओसामु ने किया। उनके साथ इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज की प्रो. इसोदा हिरोको व इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. फुकुशिगे मिजुहो भी मौजूद रहीं। इस दौरान एसआरएचयू के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों ने अपने-अपने संकाय सदस्यों द्वारा तैयार किए गए शोध प्रस्ताव प्रस्तुत किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने एसआरएचयू के सभी शैक्षणिक इकाइयों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और कहा कि दोनों संस्थानों के बीच हुई चर्चा सार्थक एवं दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में सकारात्मक कदम है। उन्होंने एसआरएचयू में उपलब्ध बहु-विषयक शोध क्षमता की प्रशंसा करते हुए भविष्य के लिए कुछ विशेष क्षेत्रों की पहचान कर संयुक्त कार्य करने पर बल दिया।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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