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August 13, 2026

12 अगस्त को होगा बेहद खास सूर्यग्रहण, कई देशों में छाएगा अंधेरा, उल्काओं की होगी बारिश, राशियों पर पड़ेगा ये असर

साल 2026 का तीसरा ग्रहण 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण के रूप में लगने जा रहा है। इस दिन सावन अमावस्या है। इसका सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अमावस्या को हरियाली अमावस्या और आदि अमावसाई के नाम से भी जाना जाता है। यह अमावस्या हरियाली तीज से तीन दिन पहले आती है। इस अमावस्या पर साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। वहीं, ये साल का तीसरा ग्रहण है। यहां ये भी बताना जरूरी है कि 12 अगस्त 2026 का दिन खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए बेहद खास है। इस दिन बेहद खास सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। माना जा रहा है कि यूरोप और उत्तरी ध्रुवीय इलाकों में करीब 27 वर्षों के बाद पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि, इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये सूर्य ग्रहण है खास
दिनांक और समय: 12 अगस्त 2026 को रात 9:04 बजे से 13 अगस्त सुबह 4:25 बजे तक सूर्य ग्रहण लगेगा। यह भारत में नजर नहीं आएगा। इसलिए यह भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल का उत्तरी हिस्सा और रूस का उत्तरी ध्रुवीय इलाके में दिखाई देगा, जबकि यूरोप अन्य इलाकों, कनाडा, अमेरिका, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक महासागर क्षेत्र में आंशिक ग्रहण नजर आएगा। इस दौरान जहां इसका पूर्ण ग्रहण का असर होगा, वहां अंधेरा छा जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसलिए लगता है सूर्यग्रहण
हम आपको अपनी खबर में इस सूर्य ग्रहण के बारे में कुछ खास बाते बताएंगे। सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और सूर्य को चंद्रमा ढक लेता है। इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। जब सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो सूर्य का बिंब कुछ देर के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस दौरान जिस जगह पर परछाई पड़ती है वहां से आसमान में सूर्य आधा या पूरा ढका दिखाई देता। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है, पूर्ण सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण और आंशिक सूर्य ग्रहण। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दो साल बाद धरती पर दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 28 महीनों के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। इससे पहले 8 अप्रैल 2024 को मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा में पूर्ण सूर्य ग्रहण लगा था। इस साल 12 अगस्त को यूरोप में करीब 27 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इससे दो दशक पहले 11 अगस्त 1999 को यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई दिया था। 12 अगस्त को रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल में पूर्ण ग्रहण नजर आएगा। 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण उत्तरी गोलार्ध के ऊपरी भाग में नजर आएगा। आइसलैंड के पश्चिमी तट के पास 2 मिनट 19 सेकंड तक पूर्ण सूर्य ग्रहण नजर आएगा। सबसे खास बात यह है कि 12-13 अगस्त 2026 को उल्का बारिश भी होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दुर्लभ खगोलीय घटना
यह 28 महीने बाद लगने वाला पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में सूर्य अस्त होते समय भी ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखेगा। NASA के वैज्ञानिक उच्च ऊंचाई वाले विमानों और गुब्बारों की मदद से इस दौरान पृथ्वी के वातावरण और सूर्य के कोरोना का अध्ययन करेंगे। इस पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में उल्का बारिश (Perseid meteor shower) का भी एक खास संयोग बन रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इन राशियों के लिए बेहद शुभ
मेष राशि: करियर में बड़े और सकारात्मक बदलाव का संकेत है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और पद प्रतिष्ठा मिल सकती है।
वृषभ राशि: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। व्यापार या नौकरी के सिलसिले में की गई लंबी यात्राएं फायदेमंद साबित होंगी।
कन्या राशि: करियर और आर्थिक मामलों में नए बेहतरीन अवसर मिलेंगे। नौकरी में प्रमोशन की प्रबल संभावना है।
वृश्चिक राशि: यह ग्रहण आपके लिए बहुत भाग्यशाली रहेगा। अटके हुए काम पूरे होंगे और नौकरी में तरक्की होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इन राशियों के लिए सामान्य बदलाव (मिश्रित परिणाम)
सिंह राशि: खर्चों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन विदेश जाने या नई नौकरी पाने का सपना पूरा हो सकता है।
तुला राशि: कार्यक्षेत्र में काम करने के तरीके बदल सकते हैं। नए संपर्क भविष्य में अच्छा लाभ दे सकते हैं।
धनु राशि: यात्रा और शिक्षा से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिलेंगे, लेकिन अचानक आने वाले खर्चों से बचना होगा।
मिथुन राशि: आय के नए स्रोत बन सकते हैं, लेकिन आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव के कारण पैसों का लेन-देन सोच-समझकर करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इन राशियों वालों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
कर्क राशि: मानसिक तनाव और भावनात्मक उलझनें बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य और अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें।
मकर राशि: पार्टनरशिप के बिजनेस या ऑफिस में सहकर्मियों से मनमुटाव हो सकता है। बहस से पूरी तरह बचें।
कुंभ राशि: काम का दबाव और भागदौड़ ज्यादा रहेगी, जिससे शारीरिक थकान हो सकती है। नौकरी बदलने का फैसला फिलहाल टाल दें।
मीन राशि: प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में थोड़ी परेशानी आ सकती है। धैर्य से काम लें और मेहनत जारी रखें।
नोटः यहां दी गई जानकारियां खगोलीय घटना पर आधारित है। साथ ही धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर भी आधारित हैं। धार्मिक मान्यताओं की सत्यता का कोई प्रमाण हमारे पास नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ग्रहण के बाद स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने से शारीरिक और मानसिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है और स्नान के बाद व्यक्ति पुनः शुद्ध होकर पूजा-पाठ कर सकता है। हालांकि, यह एक धार्मिक परंपरा है और इसका वैज्ञानिक रूप से कोई निश्चित प्रमाण उपलब्ध नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

स्नान के बाद पूजा
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके भगवान का स्मरण, दीपक जलाना और पूजा करना शुभ माना जाता है। कई लोग इस समय सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं और अपने इष्ट देव की आराधना करते हैं। मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दान का भी बताया गया है महत्व
धार्मिक ग्रंथों में ग्रहण समाप्त होने के बाद अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र, फल या दक्षिणा का दान करने की परंपरा बताई गई है. इसे पुण्यदायी माना जाता है। दान हमेशा अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार ही करना चाहिए।
भारत में दिखाई ग्रहण न दिखाई देने पर अनिवार्य नहीं हैं नियम
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में ग्रहण के बाद स्नान करना अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं माना जाता। फिर भी कई श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और आस्था के अनुसार स्नान और पूजा करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस साल के ग्रहण की तिथियां
पहला ग्रहण: 17 फरवरी 2026 (वलयाकार सूर्य ग्रहण)
दूसरा ग्रहण: 3 मार्च 2026 (पूर्ण चंद्र ग्रहण)
तीसरा ग्रहण: 12 अगस्त 2026 (पूर्ण सूर्य ग्रहण)
चौथा ग्रहण: 27-28 अगस्त 2026 (आंशिक चंद्र ग्रहण)
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