नकल पर विश्वास है अकल पर नहीं हैप्पी न्यू इयर पर विश्वास है नये वर्ष पर नहीं उमंग उत्साह हमे...
Literature
मुझे बनानी है जिंदगी में अपनी एक खास पहचान, मुझे बनना है अपने माता-पिता का अभिमान, लाखो मुशकिलो को पार...
माँ तुम्हारें बिना सारी खुशिया बेमानी सी लगती हैं कितना मुश्किल है माँ माँ तुम्हारे से बिना कुछ कहे सुने...
बस! देखते-देखते ये साल भी गुज़र गया देखने सुनने और समझने में ये साल भी गुजर गया, गुज़र गया लम्हा...
ट्रांसजेंडर संतान का दुःख! क्या कोई रोक पाया है कभी आँखों से पकी पीड़ा का टपकना माथे पर श्रम की...
1-उषा प्रात पुष्प था बहुत खिला हुआ जैसे लोहित आसमान का सूरज पृथ्वी पर उतर रहा हो नदी सागर की...
उत्तराखंड की युवा कवयित्री गीता मैंदुली को कथाकुंज साहित्य सेवा परिषद की ओर से भव्य बहुमुखी प्रतिभा सम्मेलन और सम्मान...
आज लोकसभा में जनसंघ के संस्थापक डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर पूर्व सांसद (राज्यसभा सदस्य) तरुण विजय की ओर से...
चलो हम आज फिर से तुमसे पहला प्यार करते हैं, मुहब्बत कितनी तुमसे है इसका इजहार करते हैं। चलो चलते...
मानवीय संवेदनाओं, प्रकृति एवं पर्यावरणीय चिंताओं, अभाव व गरीबी समेत अनेक विषयों पर कवि एवं साहित्यकार संजीव शर्मा की ओर...
