शिक्षक राजेंद्र जोशी “उत्तराखंडी” का गीत-चलो हम आज फिर से तुम से पहला प्यार करते हैं
चलो हम आज फिर से तुमसे पहला प्यार करते हैं,मुहब्बत कितनी तुमसे है इसका इजहार करते हैं।
चलो चलते हैं गुजरे वक्त की उन प्रेम गलियों में,
जहां हम आज भी बेसब्र तुम्हारा इंतजार करते हैं।।
शुरू करते हैं फिर से बातें जो बेअर्थ होती थी,
जहां घंटों तलक दिन और रातें व्यर्थ होती थी।
कोई शिकवा भी होता था तो बस थोड़ी देर होता था,
चलो फिर से भुलाकर हर गिला वही शुरुआत करते हैं।।
चलो हम आज फिर से तुमसे पहला प्यार करते हैं।।
मेरे कांधों पे तेरा सर, और हाथों में हाथ होते थे,
बहुत लगते थे हम प्यारे जब हम एक साथ होते थे।
कभी हंसते थे एक साथ तो कभी हम साथ रोते थे,
चलो फिर से खुशी के आंसुओं की बरसात करते हैं।।
चलो हम आज फिर से तुमसे पहला प्यार करते हैं।।
बहुत रंगों भरे थे पल जो हमने संग संग बिताए हैं,
कभी जीवन में उजली धूप, कभी बादल भी छाए हैं।
हमारे प्यार ने खुश होके सभी रिश्ते निभाए है,
चलो इस प्यार के रिश्ते को फिर से वही मुकाम देते हैं।।
चलो हम आज फिर से तुमसे पहला प्यार करते हैं।।
कवि का परिचय
आरपी जोशी “उत्तराखंडी”
अनुदेशक, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ( महिला)
देहरादून, उत्तराखंड।



