विधायकों को ज्ञापन देने ट्रांजिट हॉस्टल पहुंची आशा स्वास्थ्य वर्कर्स, पुलिस ने रोका, सड़क पर दिया धरना
सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन से जुड़ी आशा वर्कर्स उत्तराखंड के विधायकों को ज्ञापन देने के लिए देहरादून स्थित ट्रांजिट हॉस्टल पहुंची। वहां सड़क पर ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर आशाओं ने हॉस्टल गेट के समक्ष ही धरना दिया तत्पश्चात तहसीलदार वीरेंद्र रावत ने उनसे ज्ञापन लिया और सभी विधायकों को ज्ञापन भेजने के आश्वासन दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने महिलाओं को गेट प रोकने की घटना को सरकार की तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि ये सरकार नहीं चाहती है कि आशाओं सहित मजदूरों की समस्याओं को उचित माध्यम से उठाया जाए। इस सरकार के खिलाफ आंदोलन को तीखा किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ती यूनियन की प्रमुख मांग आशा के मानदेय एवं भुगतान संबंधी समस्याओं को दूर करने की है। उनका कहना है कि वर्ष 2021 से आशाओं का किसी भी प्रकार का मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। पांच महीने से राज्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि तीन मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ आशा के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री ने एक हाई पावर कमेटी गठित करके अन्य राज्यों की भांति मानदेय तथा अन्य सुविधाएं देने का वादा किया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि वादे के अनुरूप आज तक कमेटी नहीं बनाई गई है। ना ही किसी भी प्रकार का मानदेय बढ़ाया गया है। वहीं, आशाओं पर काम का बोझ लगातार बढ़ाया जा रहा है। किसी भी प्रकार की कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से झूठा वायदा किया गया। ऐसे में आने वाले चुनावों में इसका अंजाम सत्ताधारी दल को भुगतना पड़ेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता हैं तथा ठेकेदारों व मालिकों को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों में आशा यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, सुनीता चौहान, लोकेश देवी, कलावती चंदोला, नीरज यादव, नीरा कंडारी सहित बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स शाामिल थीं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



