Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

September 16, 2026

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने देहरादून में किया प्रदर्शन, जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर देहरादून में प्रदर्शन किया। सीटू से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सेविका कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर गांधी पार्क देहरादून में प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों तथा सरकार द्वारा पूर्व में किए गए आश्वासनों को पूरा न किए जाने पर रोष व्यक्त किया। इसके बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ज्ञापन में प्रमुख मांगें
-मार्च 2024 के आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का मानदेय शीघ्र बढ़ाया जाए।
-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर न्यूनतम ₹26,000 मानदेय दिया जाए।
-सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ग्रेच्युटी एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को दिया जाए।
-केंद्र सरकार के शासनादेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को 45 दिन के मातृत्व अवकाश का लाभ उत्तराखंड में भी दिया जाए।
-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को वर्ष में 20 दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जाता है। बीमारी के कारण अवकाश लेने पर 20 दिन की सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त 10 दिन का मानदेय सहित चिकित्सा अवकाश दिया जाए।
-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से बाल विकास विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों का कार्य न कराया जाए। यदि अन्य विभागों का कार्य कराया जाता है तो उसके लिए अतिरिक्त मानदेय दिया जाए।
-आंगनवाड़ी केंद्रों का किराया मकान मालिक के खाते में न डालकर माता समिति अथवा आंगनबाड़ी कार्यकत्री के खाते में दिया जाए।
-विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था पुनः शुरू की जाए। पिछले लगभग 5 वर्षों से पंजीकरण बंद होने के कारण कार्यकत्रियों को अपने खर्च से पंजीकरण कराना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
-आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्कूलों की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन अवकाश दिया जाए तथा संबंधित शासनादेश लागू किया जाए।
-दूसरे आंगनवाड़ी केंद्र पर स्टे लगने अथवा अतिरिक्त केंद्र का कार्य करने वाली कार्यकत्रियों को अतिरिक्त कार्य के लिए अतिरिक्त मानदेय दिया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जरूरी सुविधाओं से रखा जा रहा वंचित
यूनियन ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य जरूरी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। यूनियन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि सभी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की समस्याओं का समाधान किया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, जिला अध्यक्ष एस.एस.नेगी, सचिव हिमांशु चौहान, बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश, आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री कर्मचारी यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका कर्मचारी यूनियन की प्रांतीय महामंत्री चित्रकला, लक्ष्मी पंत, ज्योतिका पांडे, रजनी गुलेरिया आदि ने विचार रखे। प्रदर्शन करने वालों में सुनीता रावत, मनीषा राणा, ऊषा भंडारी,सीमा सिंह, आशा नेगी, शीला बहुगुणा, पूनम सिंह, अंजली, सोमबाला, कलावती चंदोला, रजनी, अनुराधा, आशा गुरूंग, अमिता, गीता पाल, ललिता, पुष्पा चौधरी, कलावती, पूनम अनुराधा, विनीता, योगिता आदि शामिल थे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।