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July 10, 2026

जन प्रहार कार्यकर्ताओं ने पिटकुल मुख्यालय के समक्ष ऊर्जा मंत्री का पुतला किया दहन

उत्तराखंड में पिटकुल प्रकरण में अवमानना की कार्रवाई के बाद बाद जन प्रहार के कार्यकर्ताओं ने देहरादून स्थित पिटकुल मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान ऊर्जा मंत्री के पुतले का प्रतिकात्मक दहन किया गया। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति विवाद में उच्च न्यायालय नैनीताल की ओर से अवमानना प्रकरण में सुनवाई की गई थी। इस दौरान न्यायालय ने सचिव स्तर पर कड़ी टिप्पणियां कीं और सरकार को फटकार भी लगाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शनकारियों में जन प्रहार की संयोजक सुजाता पॉल ने कहा कि कि न्यायालय की अवमानना से जुड़ा यह प्रकरण केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि शासन की जवाबदेही और कानून के सम्मान का प्रश्न बन चुका है। सहसंयोजक पंकज सिंह क्षेत्री ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकार ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। इससे न्यायालय की गरिमा प्रभावित हुई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रवक्ता रविन्द्र गुसाईं ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित मंत्री के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। जन प्रहार टीम ने चेतावनी दी कि यदि अवमानना प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में नवीन चौधरी, सूरज, आदेश कोहली, कृष कपूर, हिमाल थापा, नसीम मोहम्मद, रफीक मोहम्मद, अभिषेक थापा आदि मौजूद रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है प्रकरण
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शासन ने पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पीसी ध्यानी को पद से मुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई न्यायालय की सख्ती और अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद की गई। नए आदेश के अनुसार विभाग के अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को पिटकुल के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह व्यवस्था नियमित नियुक्ति या शासन के अगले आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मामला गैर-इंजीनियर अधिकारी को ऊर्जा निगम के शीर्ष पद पर जिम्मेदारी दिए जाने से जुड़ा था। इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि नियमानुसार प्रबंध निदेशक पद पर नियुक्ति की जानी चाहिए। अदालत ने अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने के निर्देश दिए थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बताया गया कि 10 सितंबर 2022 को पिटकुल में निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर तैनात पीसी ध्यानी को प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। वे लगभग तीन वर्षों से दोनों दायित्व निभा रहे थे। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शासन ने उन्हें अतिरिक्त प्रभार से कार्यमुक्त कर दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उधर, ऊर्जा निगमों में शीर्ष पदों की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार नियमों में संशोधन की तैयारी में भी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार प्रबंध निदेशक पद के लिए इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि की अनिवार्यता संबंधी प्रावधान में बदलाव का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष लाया जा सकता है।
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