देहरादून में महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में आज देहरादून के एस्लेहॉल चौक पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्रीय मंत्री का पुतला जलाया गया। महिलाओं का कहना था कि बिलकिस बानो से दुराचार और उसके परिवार के कई सदस्यों की हत्या के दोषियों की जेल से रिहाई के दौरान जिस व्यक्ति ने दोषियों के समर्थन में बयान दिया था, उसी को अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बिलकिस बानो प्रकरण
बिलकिस बानो प्रकरण के दोषियों पर तीन मार्च 2002 को गुजरात दंगों के दौरान पांच महीने की गर्भवती बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप), उनकी तीन साल की बेटी सहित परिवार के 14 सदस्यों की हत्या और आपराधिक साजिश रचने के गंभीर आरोप तय किए गए थे। इस मामले में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने 2008 में इन सभी आरोपों को साबित पाया और 11 दोषियों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बाद में इस सजा को बरकरार रखा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बिलकिस बानो मामले में अगस्त 2022 में गुजरात सरकार ने अपनी क्षमा नीति (रेमिशन पॉलिसी) का हवाला देकर 11 दोषियों को समय से पहले रिहा कर दिया था। तब बिलकिस बानो केस में दोषियों की रिहाई के समय प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता, क्योंकि ये कानून की एक प्रक्रिया है। हालांकि, 8 जनवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इस रिहाई के आदेश को पूरी तरह अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया और सभी दोषियों को वापस जेल भेज दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सजा में छूट का किया था अनुरोध
इस मामले में दोषियों में से एक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 1992 की गुजरात रिहाई नीति के तहत सजा में छूट का अनुरोध किया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को इस पर विचार करने का निर्देश दिया था। इसके आधार पर गुजरात सरकार ने एक समिति बनाई। समिति की सिफारिश के बाद 15 अगस्त 2022 को 11 दोषियों को गोधरा जेल से रिहा कर दिया गया। राज्य सरकार ने कहा था कि दोषियों ने जेल में 15 साल से अधिक की सजा काट ली है और उनका व्यवहार अच्छा रहा है। इसमें खास बात ये है कि जब दोषियों को रिहा किया गया तो उनका बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े नेताओं ने फूल मालाओं और मिठाई वितरण से स्वागत किया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सुप्रीम कोर्ट दोबारा भेजा था जेल
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुकदमा मुंबई (महाराष्ट्र) की विशेष अदालत में चला था, इसलिए सजा माफी या छूट पर फैसला लेने का अधिकार सिर्फ महाराष्ट्र सरकार के पास था, गुजरात सरकार के पास नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के फैसले को मनमाना और गलत बताते हुए सभी 11 दोषियों को दो हफ्ते के भीतर वापस आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का आदेश दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस का देहरादून में प्रदर्शननीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर युवाओं के आंदोलन और दबाव पर झुकते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा। उनके स्थान पर प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया। अब उनके बिलकिस बानो प्रकरण के दोषियों के समर्थन पर दिए गए पुराने बयान को विपक्ष ने मुद्दा बना दिया है। इसी के तहत आज देहरादून में उनके खिलाफ प्रदर्शन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की ओर से कथित रूप से बलात्कार के दोषियों के समर्थन में पूर्व में दिया गए बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को महिलाओं का अपमान करने से पहले अपने आचरण और विचारों का आत्ममंथन करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाकर देश की शिक्षा व्यवस्था को और चौपट करने का प्रयास है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं की सोच शुरू से ही महिला विरोधी रही है। वर्तमान में बीजेपी की सरकारों की ओर से महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने उत्तराखंड की महिलाओं से आह्वान किया कि जो लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते, उनके विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आवाज़ बुलंद करें। ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदेश एवं देश में महिलाओं, युवाओं और बेरोजगारों के मुद्दों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम ने कहा कि जिस व्यक्ति पर बलात्कार के आरोपियों का सम्मान करने जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हों, उसे देश के शिक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय युवाओं के भविष्य और देश के नैतिक मूल्यों से जुड़ा मंत्रालय है, जोशी को इस महत्वपूर्ण मंत्रालय को सौप जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने राज्य सरकार पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है और बरसात आते ही इनके विकास कार्यों की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली से व्यथित है। भाजपा झूठ बोलकर सत्ता में आई थी, अब देश की जनता इनको सत्ता से बेदखल करने का काम करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर प्रदर्शन करने वालों में पूर्व विधायक राजकुमार, कांग्रेस महानगर देहरादून के अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल, नजमा खान, चंद्रकला नेगी, पूनम बिष्ट, अनुराधा तिवारी, संगीता गुप्ता, सविता सोनकर, निर्मला, संगीता सकलानी, दीपा चौहान, देवेंद्र, रेखा ढींगरा, सावित्री थापा आदि शामिल रहे।
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