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October 17, 2026

विशेषज्ञों का तर्कः सिर्फ फेफड़ों पर नहीं है कोरोना का हमला, जमा रहा है खून के थक्के भी

कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में जैसे जैसे इजाफा हो रहा है। उसके साथ ही इसके दुष्प्रभाव के बार में भी हर दिन नई बात पता चल रही है।


कोरोनावायरस संक्रमण के मामलों में जैसे जैसे इजाफा हो रहा है। उसके साथ ही इसके दुष्प्रभाव के बार में भी हर दिन नई बात पता चल रही है। अब विशेषज्ञों का तर्क है कि इससे सिर्फ फेफड़ों में ही संक्रमण नहीं हो रहा है। इससे खून के थक्के भी जम रहे हैं। इन थक्कों को तुरंत हटाने की जरूरत होगी, ताकि कुछ मामलों में अंगों को बचाया जा सके।
वैश्विक स्तर पर किए गए शोध में बताया गया है कि अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के 14 से 28 फीसदी रोगियों में रक्त थक्का जमने की बात सामने आई है। इसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) के नाम से जाना जाता है। वहीं दो से पांच फीसदी रोगियों में आर्टेरियल थ्रोम्बोसिस का मामला सामने आया। विशेषज्ञों ने बताया कि संक्रमण फेफड़े के साथ रक्त कोशिकाओं से भी जुड़ा हुआ है। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक इस हफ्ते प्रतिदिन इस तरह का एक मामला सामने आ रहा है। इसी तरह अन्य चिकित्सकों ने भी कहा कि कोविड-19 के ऐसे रोगियों में रक्त थक्का जमने का मामला आ रहा है। इनमें टाईप-टू मधुमेह मिलेटस है, हालांकि निश्चित कारण अभी तक पता नहीं चला है। डीवीटी एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर के अंदर स्थित नाड़ियों में रक्त थक्का जम जाता है। आर्टेरियल थ्रोम्बोसिस धमनियों में थक्का जमने से जुड़ा हुआ है।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।