हिम्स में राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रम, दवाओं के दुष्प्रभावों की समय पर जानकारी देने की अपील
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के तहत हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने लोगों को दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उनकी समय पर जानकारी देने की बात कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आदि कैलाश सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डीन हिम्स डॉ. ए.शरीफ ने कहा कि दवाओं की सुरक्षा केवल डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है। मरीजों और आम लोगों की भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण है। लोगों को दवाओं के इस्तेमाल के बाद होने वाले किसी भी संदिग्ध दुष्प्रभाव की जानकारी संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या निर्धारित रिपोर्टिंग माध्यम के जरिए देनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. डीसी धस्माना ने कहा कि फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से दवाओं के इस्तेमाल के बाद होने वाली प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं पर नजर रखी जाती है। उन्होंने कहा कि किसी दवा के सेवन के बाद कोई असामान्य या प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने पर उसकी जानकारी देना बेहद जरूरी है। समय पर मिली जानकारी से दवाओं से जुड़े संभावित जोखिमों की पहचान करने और मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलती है। विभागाध्यक्ष डॉ. तरुणा शर्मा ने बताया कि इस वर्ष चलाये जा रहे अभियान में डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बताया मोबाइल एप, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल माध्यमों से दवाओं के दुष्प्रभावों की जानकारी देना आसान और तेज बनाया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली के फार्माकोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. ललित गुप्ता ने दवा से होने वाली प्रतिकूल घटनाओं के संबंध को समझना और उनके कारणों का आकलन विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने दवा लेने के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं और उनके कारणों को समझने तथा उनकी सही पहचान करने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित दवा उपयोग सभी की साझा जिम्मेदारी है। स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और आम लोगों के सहयोग से दवाओं को अधिक सुरक्षित बनाने और मरीजों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



