जिससे बिना झिझके दिल की हर बात कह सको जिसके साथ फुर्सतो में तुम रह सको जिसके साथ गम बांट...
नारी मंच
संत -चरित बुरे बुराई ना तजें। चाहे दीजे कोटिक सीख॥ पर संत ना छाड़े संतई। चाहे लीजे कितना चीख॥ सर्प...
योग दिवस आओ आओ योग करें नित योग ही संयोग सा नियमित तन मन सब नीरोग करें हम आओ आओ...
बेचैन मन बेचैन मन सोचता बहुत है तर्क बितर्क के जंजाल में वो फंसता सा चला जाता है निरन्तर जीता...
समाज ने सहर्ष स्वीकारा समाज ने सहर्ष स्वीकारा है, निरक्षर स्त्री को मगर नही स्वीकार कर पाया, पुरुषों से ज्यादा...
माली देता है हर रोज पानी.. जो जनता है बिन पानी फूल नही खिला करते। वक़्त दिया करो हर रिश्ते...
कर प्रयास शिखर तक पहुंचना है गर तुझे कर प्रयास, कर प्रयास, कर प्रयास न कर तू कभी भी यूं...
मैं ज़िंदगी कहूँ तो तुम.. तुम्हे ही पुकारा गया, ये बात समझना। मैं खुशी कहूँ तो तुम.... तुम्हे देखने की...
औकात सुबह उठी इक तितली मचली पर खोल देख निज रंगों को फूलों फूलों पर है इतराती कलियों को ताना...
अपनी सहूलियत के हिसाब से हर शख्स अपना किरदार रखता है.. उड़ते परिंदो के लिए कोई बंदूक तो कोई पानी...
