Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 20, 2026

शिक्षिका डॉ. पुष्पा खण्डूरी की कविता- योग दिवस

शिक्षिका डॉ. पुष्पा खण्डूरी की कविता- योग दिवस।

योग दिवस
आओ आओ योग करें नित
योग ही संयोग सा नियमित
तन मन सब नीरोग करें हम
आओ आओ योग करें हम
ऋृषि मुनियों को योग ही भाया
बर्ष हजारों ध्यान लगाया
सूरज और चाँद की दूरी का
ध्यान से ही हिसाब बताया
जनजीवन भी सफल बनाएं
तन मन स्वस्थ रहे जिससे
नित अपनी काया को हरषाएँ
आओ आओ योग करें हम
तन मन सब नीरोग करें हम
बड़े बड़े रोग का भी तो
निदान योग से होता है
योग नहीं जो नित करता
वो स्वास्थ्य स्वयं का खोता है
कपालभाति अनुलोम विलोम
भस्त्रिका नित जो अपनाते हैं
ब्लडप्रेशर शूगर आदि भी फिर
निकट न उनके कभी आते हैं
आओ आओ हम योग करे नित
योग ही है संयोग सा नियमित
अजन्ता एलौरा की गुफाओं में
ध्यान योग की मूर्तियां सजीव हैं
भारत योग गुरु है जग में
योग से स्वस्थ भारत का
निर्माण करें नित नित हम
विश्व को दें संदेश ये प्यारा
योग दिवस है आज सुनो
आओ आओ योग करें नित
योग सदा संयोग सा नियमित

कवयित्री का परिचय
डॉ. पुष्पा खण्डूरी
एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हिन्दी
डी.ए.वी ( पीजी ) कालेज
देहरादून, उत्तराखंड।