मंजिल पाने के लिए, खुद ही चलना पड़ता है रास्तों पर मंजिल की तरफ रास्ते खुद, चलते हैं क्या! खुद...
नारी मंच
मुझे विरल नहीं है रहना मुझे विरल नहीं है रहना, मुझको अविरल ही बहने दो। धारा - प्रवाह में घिस...
कुछ रिश्ते जुड़ जाते हैं खुद ब खुद। इन्हें जोड़ने के लिए नहीं करनी पड़ती कोई कोशिश... नही बनानी पड़ती...
हम और बुढ़ापा इक दिन बुढ़ापे में जब कमर झुक जाएंगी जवानी की हर बात तब हमें याद आएंगी लिया...
श्रीराम प्राकट्य चैत्र नवमी तिथि देने को शुभाशीष। दशरथ गृह प्रकटे स्वयं प्रभु श्रीराम जगदीश॥ आज अति शुभ ये घड़ी...
मनभावन होली अग -जग धूम मच रही देखो लगती कितनी मनभावन होली मीठी -मीठी गुजिया, भुजिया संग भीगी -भागी सी...
फागुन की पावन पूर्णिमा को मनाएं हम होली का त्यौहार घर आंगन में खुशियां छाई आई है खूब बहार पेड़...
होळी क तिवार फागुण मैना लग्यु चा होळी क त्यरी हूणी चा चौ तरफि ब्वगट्या खुजैएणु चा अपरा तफरी मच्यीं...
बेटी-बेटा एक समान बेटे हैं कुल के दीपक तो, दो कुलों को रोशन करती हैं बेटियां। कठोरता का पर्याय होते...
नारी सशक्तीकरण नारी को अपना मान चाहिए दया नहीं अधिकार चाहिए नहीं प्रेम की भीख माँगती उसको सच्चा प्यार चाहिए।...
