वो हंसते मुस्कुराते सुलझी हुई सी चेहरे की चमक कहां चली गई, चेहरा उदास लिये उलझनों से अपनी उलझे से...
नारी मंच
ना निकलेंगी कभी रात में बाहर, दो प्रमाण दिन के उजाले में सुरक्षित हैं स्त्री, जागरूकता और सम्मान ही स्त्री...
नदियाँ ये मीठी मीठी सागर ये गहरे गहरे मन को मेरे लुभाते आँखों में ठहरे ठहरे पूछते हैं मुझसे नित...
आखिर है क्या ये जीत और हार मन की हो तो जीत ना तो हार, या इकरार को जीत कह...
मन जीते जग जीत है मन के हारे सब हार मन से जीत नहीं आसां मन के तर्क हजार मन...
नया सा लक्ष्य बनाकर नव-वर्ष का स्वागत कीजिए बीते खट्टे मीठे पलों को अब यादें बना लीजिए, तारीखों के बदलने...
सनबदली सनबदली भी जोड़ता बारह महीनों का सालों से नाता है। अपनी झोली के सारे फूल सम्हाले हुए नए साल...
सुकून सुकून किसी की चाहत मे नहीं, सुकून किसी के इबादत मे नहीं, सुकून किसी को पा लेने का नाम...
नारी, नारी में भेद क्यों? एक ही ईश्वर ने बनाया जब नारी को फिर तुमने क्यों भेदभाव किया एक का...
कौन कहता है अकेलापन दर्द देता है, ये वो वक्त है जब इंसान खुद को परखता है! दर्द तो दिल...
