मेरा घर ऐसा होता काश !मेरा घर कुछ ऐसा होता चारो तरफ नदियों का घेरा होता पेड़ पर बैठी कोयल...
नारी मंच
समय की पुकार जब जेसा समय आता है समय वैसा ही पुकारता है जब युद्ध की डंका नाद बजती समय...
चाह चाह है दिल में पाने की उसे पाने का जज्बा रखना और जब तक हासिल न हो तब तक...
बीज पहली मिलदूं छौ बीज घरों म अब मिलणु मुश्किल ह्वैगी घरों म बीज सम्भाली नी रखदा भरोसो सरकार पर...
अकेले रह गये हम जिन्दगी की डगर में आगे बढ़ते बढ़ते बैठ गया जरा नीचे सोचा अपने बारे में पीछे...
महात्मा गांधी देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ रखा था भारी मनमानी जनता से करते परेशान थीं जनता सारी ।...
कनी ब्यूली तुम कैन पूछी घर म ऐक ल्याई कनी ब्यूली जैक मैंन बोली घर म जैक ब्यूली ईनी सुण...
बेटी बेटी तो बेटी होती है क्यो कहते यह बेटी है अगर बेटी ना हो तो क्यो कहते धरती खाली...
फूल जा जा जा प्यारे फूल तुम अयोध्या में जाना राम जी के चरणों में गिर अपना शीश झुकाना जा...
लोक जन एक दिन सभी गौं का लोकजन बैठ्या था सभी गौं का चौंक म कूंई किस्सा कूंई गीत कूंई...
