बेटी-बेटा एक समान बेटे हैं कुल के दीपक तो, दो कुलों को रोशन करती हैं बेटियां। कठोरता का पर्याय होते...
नारी मंच
नारी सशक्तीकरण नारी को अपना मान चाहिए दया नहीं अधिकार चाहिए नहीं प्रेम की भीख माँगती उसको सच्चा प्यार चाहिए।...
वो शख़्स अजीब सा मंजर था, और सभी चिल्ला रहे थे॥ चुप, लेकिन वो शख़्स था, जो गेंहू के साथ...
बांझा गौं की पीड़ा दौड़ी दौड़ी सरासर ऊंधार्यूं का बाटा,ऊंधार्यूं बाटा चलि ग्यांवा दूर तुम दूर म्यारा लाटा दूर म्यारा...
सत्यं शिवं सुन्दरं अक्सर शिव जीता है हम सबके भीतर तब जब हम जिन्दगी के कष्टों को घूंट घूंट कर...
तेरी वज्म में चले आये थे जो कितने ही अनजान चेहरे । हम दूर खड़े हो कर भी पहचान रहे...
किसी का आना किसी का आना भी, किसी की विदाई का सबब बन जाता है । बचपन का जाना भी...
निर्बल के बल श्याम सखी री मेरी निर्बल के बल श्याम, सखी री मेरी निर्बल के बल श्याम इक पलड़े...
उठो जनता चलो जल्दी तुम्हें अब वोट देना है। वोट डाल कर आना मताधिकार ना खोना॥ ये बाजी हाथ आई...
तन्हाई में तन्हाइ मे मेरी आ आकर तुम दिल में शोर मचाते क्यों । अंधियारों से मेरा जोड़ के नाता...
