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July 10, 2026

हो जाइए सावधान, कर लो नियमों का पालन, इन दो माह में पीक पर होगी कोरोना की तीसरी लहर

भारत में कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ती जा रही है। इसके साथ ही तीसरी लहर की संभावना भी जताई जा रही है।

भारत में कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ती जा रही है। इसके साथ ही तीसरी लहर की संभावना भी जताई जा रही है। जब तक सारे देशवासियों को कोरोना के टीके की दोनों डोज नहीं लग जाती, तब तक हर नागरिक का कर्तव्य बनना है कि सावधान रहें। कोरोना के नियमों का पालन करें। अन्यथा मुसीबतों को झेलने के लिए तैयार रहें। स्वास्थ्य के टॉप एक्सपर्ट तो ये ही दावा कर रहे हैं कि कोरना की तीसरी लहर अक्टूबर माह से नवंबर माह के बीच पीक पर रहेगी।
नियमों का पालन नहीं किया तो चरम पर होगी तीसरी लहर
कोविड-19 के मामलों के प्रतिरूपण के काम में लगे एक सरकारी पैनल के साइंटिस्ट के मुताबिक, यदि कोरोना संबंधी सावधानियों का पालन नहीं किया जाता है तो कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर-नवंबर के बीच चरम पर पहुंच सकती है। हालांकि, दूसरी लहर के दौरान रोजाना दर्ज होने वाले नए मामलों की तुलना में तीसरी लहर में नए मामले आधे रह सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर कोई नया घातक वेरिएंट सामने आता है तो तीसरी लहर तेजी से फैल सकती है।
तीसरी लहर के तीन परिदृश्य
सूत्र मॉडल या COVID-19 के प्रक्षेपवक्र के गणितीय अनुमान में काम में शामिल मनिंद्र अग्रवाल ने यह भी कहा कि तीसरी लहर की भविष्यवाणी के लिए मॉडल में तीन परिदृश्य हैं। ये हैं आशावादी, मध्यवर्ती और निराशावादी। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने पिछले साल गणितीय मॉडल का उपयोग करके कोरोनोवायरस मामलों में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाने के लिए इस पैनल का गठन किया था।
अगस्त के मध्यम में दूसरी लहर हो सकती है नगण्य
तीन सदस्यीय समिति में शामिल अग्रवाल ने कहा कि तीसरी लहर की भविष्यवाणी करते समय तीन कारक सामने आए हैं। ये कारक हैं- इम्यूनिटी घटना, टीकाकरण का प्रभाव और अधिक घातक वेरिएंट की आशंका। अग्रवाल ने ग्राफ साझा किया। इसके अनुसार, अगस्त के मध्य तक दूसरी लहर के नगण्य होने की संभावना है। तीसरी लहर अक्टूबर और नवंबर के बीच अपने चरम पर पहुंच सकती है।
पहुंच सकता है ये आंकड़ा
वैज्ञानिक ने कहा कि “निराशावादी” परिदृश्य के मामले में, तीसरी लहर में देश में कोरोना के दैनिक मामले 150000 से 2,00,000 के बीच पहुंच सकते हैं। यह आंकड़ा दूसरी लहर के पीके पर पहुंचने के दौरान आए मामलों के आधे से कम है। मई महीने की शुरुआत में अस्पतालों में मरीजों की बाढ़ आ गई थी और रोजाना हजारों लोगों की जानें गई थीं। 7 मई को भारत में 414188 कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए थे।