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October 28, 2026

युवा कवि और छात्र कंदर्प पण्डया की दो कविताएं-चलो एक बार फिर से, हे कोरोना तू भारत क्या आया

चलो एक बार फिर से…

चलो एक बार फिर से,
उंचाइयों को चूमते हैं,
नया इतिहास रचते हैं,
नया पैगाम पहुँचाते हैं,
सोए हुए को जगाते हैं,
उसे मुकाम दिखाते हैं,
चलो एक बार फिर से,
कुछ नया करके दिखाते हैं,

राहो से काटो को हटाते हैं,
फिर मन्ज़िल को आसान बनाते हैं,
चलते है आहिस्ता सें,
वक्त पर दौड़ जाएंगे,
इरादा बुलंद हो तो,
पहाड़ पर चढ़ जाएंगे,
चलो एक बार फिर से,
कुछ नया करके दिखाते हैं,

रख भरोसा तू ,
खुद की काबिलियत पर,
हर मंज़र को निखारेंगे,
साथ रहू या न रहू,
हर ऊचाहियो तक पहुचेंगे,
चलो एक बार फिर से,
कुछ नया करके दिखाते है।

हे कोरोना तू भारत क्या आया

हे कोरोना तू भारत क्या आया, तूने सबको है नचाया,
जो न धोए हाथ दिन को, उन्हें रातो में है धुलाए,
हे कोरोना तू …..
जो बाँधे कभी न मुंह पर कपट, उन्हें तूने मास्क है पहनाया,
हे कोरोना तू …..
जो रुके न कुछ वक्त घर को, उन्हें भी नजरबंद है कराया,
हे कोरोना तू …..
जो सियासत में हलचल है मचाई, तूने सत्ताधारियों की कुर्सी है हिलाई,
हे कोरोना तू …..
जो लोगों को बेरोजगार है किया, तूने कई परिवारों को है
उजाड़ा,
हे कोरोना तू …..
जो दिखाया है मेरी आँखों से, तूने नवाबो के नकाब है उतारे,
हे कोरोना तू भारत क्या आया, तूने सबको है नचाया।
हे कोरोना तू …..

कवि का परिचय
नाम- कंदर्प पण्डया
पता- चिखली, डूँगरपुर, राजस्थान।
परिचय-पेशे से छात्र युवा हिंदी लेखक कंदर्प पण्डया चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान के एक लेखक हैं। उन्होंने उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालय से पूरा कर लिया है। वर्तमान में वह मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से बीएससी में अध्ययनरत हैं। वे अपने जुनून के रूप में विगत एक वर्ष से कविता लिख ​​रहे हैं। वे भविष्य में एक लेखक और एक पुलिस उपाधीक्षक बनना चाहते हैं।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।