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July 11, 2026

राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक केंद्र के इशारे पर, चमोली में जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाना दुर्भाग्यपूर्णः यशपाल आर्य

उत्तराखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की सुरक्षा के लिए कश्मीर घाटी में पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न करना उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी देश ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को खोया है। इसके बाबजूद जवाहर टनल को पार करते ही भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राहुल की घेराबंदी के लिए एक भी पुलिस कर्मी का न होना जम्मू-कश्मीर प्रशासन का आश्चर्यजनक व्यवहार है। उन्होंने कहा कि सारे देश में भारत जोड़ो यात्रा और राहुल जी को बहुत अच्छा सत्कार और प्यार मिला है। यात्रा के अंतिम दौर में कश्मीर हुई इस चूक ने सिद्ध कर दिया है कि केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण वाला यूटी प्रशासन ऊपर के इशारे पर यह कायराना निर्णय ले रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गौरतलब है कि शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के बनिहाल में करीब 45 मिनट तक सुरक्षा कारणों से भारत जोड़ो यात्रा रोक दी गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि यात्रा को घाटी जाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। इसके बाद राहुल गांधी वाहन से खन्नाबल अनंतनाग को रवाना हुए और अन्य लोग पैदल की चलते रहे। यात्रा को छोड़कर अनंतनाग पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। बनिहाल से आगे घाटी में प्रवेश करने पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध भी नहीं किए गए। राहुल गांधी को इस तरह कश्मीर में प्रवेश नहीं करवा सकते। इससे पहले एक वीडियो सामने आया, जिसमें भीड़ लगातार राहुल गांधी की तरफ बढ़ रही है। उन्हें सुरक्षाबल रोकने की नाकाम कोशिश करते दिख रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रजनी भंडारी को हटाना दुर्भाग्यपूर्ण और अधिनियम का दुरूपयोग
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि , राज्य सरकार द्वारा चमोली जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रजनी भंडारी को पद से हटाना पंचायत राज अधिनियम का दुरूपयोग है। उन्होंने कहा कि जिस 12 साल पुराने मामले को आधार बनाकर रजनी भंडारी को हटाया गया। उस मामले में कई बार जांच हुई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यशपाल आर्य ने कहा कि हर बार जांच अधिकारियों के निष्कर्ष था कि टेंडर प्रक्रिया में राज्य सरकार को कोई वित्तीय हानि नही हुई है। जब कोई वित्तीय हानि नहीं हुई है तो राज्य सरकार द्वारा रजनी भंडारी को पद से हटाना मनमानीपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस कदम का कांग्रेस पार्टी और विधानमंडल दल हर स्तर पर विरोध करेगा।