इतना काफी है। तू मेरी रातो का चमकता चॉद नही…पर तू कही और रोशन है….इतना काफी है। माना अब वक्त...
Poet
विभावनी भोर गोधूलि सी आज हुई भोर,आसमान में छाये बादल।घुमड़ -घुमड़ घनघोर,बरस रहा है अमृत जल। अंधकार मिटा कर,नन्हीं नन्हीं...
"इष्ट द्यवतौं बंदना" " दोहे " जख भी रौंला हम सदनि, लिंदवां तुमरू नाम.तुम इष्ट देवता हमरा , बड़ैं -...
दोस्ती दोस्ती कोई कली नहीं गुलाब कीजो खिले और मुरझा जाए!दोस्ती कोई बूंद नहीं शराब कीजो चढ़े और उतर जाए...
"ब्रह्म मुहूर्त का समय" अर्थात वह समय जिस समय अंधेरे पर उजाले की जीत होती है और सारी सृष्टि में...
जाहिल… सुनो बताऊं कैसा लिखो…ऐसा लिखो ना तैसा लिखो…जैसा है कुछ वैसा लिखो…लिखना चाहते हो तब लिखो…मैं बताता हूं तुम्हें...
पुरणि याद फाणा- पंगतौंम बैठि, कबि खॉड़ु खायी तुमन.हतौंम हत डाऴि , झौंड़ा-चौंफऴा गायी तुमन.. खॉड़ा की पंगत्यूंम बैठि, यख...
"लाट-साप" मैं होता,किसी देश का राजा।ठाठ बाठ से रहता।।दिनभर की,चिलचिली धूप में।क्यों कर भागा फिरता।। होती रानी संग पटरानी,बाग बगीचे...
बंद करो… अजी तानाशाही! कैसी देखो, विपदा आई।लाल बिछड़, रहा माई माई।।तुम तो छक, रहे दूध मलाई।वह क्यों औंधे, पड़ा...
बहुत है…… खुल के मुस्कराने का जी चाहता है……पर गमो का कारवा भी तो बहुत है…….. उडना चाहती हूँ खुले...
