कै छाल चलि गेमठु-मठु करि जिंदगी , पलि छाल चलि गे.ज्यूकि भूक दिनौं-दिन, छलि-छाल चलि गे.. न सोचू - न...
Poet
बजदी बांसुरी ------- बजदी मनम्वोहनि बांसुरी हो ,बजदी मनम्वोहिनि बांसुरी ।धकध्याट करदी हाय जिकूड़ी ,धकध्याट करदी हो ।। अछैगे घाम...
चल अपना गों जोला वखी रोला वखी खोलाचल अपना गों जोला वखी रोला वखी खोलाहिंसर , काफल वख बांझ कु...
----माता के दरबार में-----अम्बे भवानी मातातू जग से निराली हैमाता के दरबार मेंआया सवाली है। नौ दिन नौ रात तेरेपूजन...
पहाडों की गोद में पहाड़ों की गोद में हीरा दबा सा है,पहाड़ों की गोद में हीरा दबा सा है।इसके भीतर...
नफरतों के बयान रहने दो।कुछ तो अम्नो-अमान रहने दो।। कल सियासत के काम आएंगे।ये सुलगते मकान रहने दो।। है वतन...
सृजन का बीजतम के खोल में छिपा 'सृजन का बीज'दरख्त होजाना चाहता है..चाहता अस्तित्व बनानाथाह पाना चाहता है..तम के खोल...
विषय ― भरोसाविधा ― छंद मुक्त बने झूठ के बडे पुलिंदे ,अंधकार सब ओर है ।झूठे रिश्ते ,झूठे नाते ,भ्रम...
कल्पना में तुमफूल सी खिलती रहो तुममेरे मन के बाग मेंज्योति सी जलती रहो तुममेरे मन के भाव में इक...
लगे भवानी लाडली ,गिरिनंदिनी राजकिशोरी ।मै तो तुझे मनाऊं माता ,सुन लो विनती मोरी ।। अहो सलोना रूप तेरा मां...
