हे विशाल हे नगाधिराज ,विस्तृत हो छूते आकाश ।हे गिरीष हे तुंग शीश ,तुमसे ही मैं सम्मानिता ।। शत नमन...
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मलिन मास गया,कोरोना का काल गया।नवरात्र के अवसर पर,मां भगवती का वास हुआ। शरद ऋतु का साथ मिला,वान पैंय्या का...
शिला-सागर संवाद"व्यर्थ तुम्हारा सारा श्रम है, भ्रम सब हो जायेगा दूरकितनी भी बलवान लहर हो कर दूँगा मद सारा चूरजाने...
20 अगस्त 1919 को चमोली जनपद के मालकोटी गांव (नोट- मालकोटी गांव पहले चमोली जनपद में था, रुद्रप्रयाग जिला बनने...
बिजलीतांबे की तार से गुजर जाती है बिजलीन मिलता है प्रकाश, न मिलती है गरमीमगर वही बिजली जब टंगस्टन की...
बढते रहोबढते रहो ।। नित नई कथा गढते रहो ,कंटक पथ पर चलते रहो ,दुनिया के ताने सुनो ,तुम हिम्मत...
