हे प्रभु मन में दीप जलाओ अंधकार से मुझे निकालो ,सच्चाई की राह दिखा लो ।सही ड़गर क्या मुझे बताओ...
Poet
चलो दीप जलाएं चलो सखी कुछ ऐसे दीप जलाएं।हर घर जो, उजियाला फैलाएंसूने पड़े द्वारों को सजाएंआते जाते राही को...
काली रात फिर से आयेगी…. वही दरिंदगी से भरी रात फिर आयेगी..किसी मासूम निर्भया की इज्जत फिर निलाम की जायेगी…....
तेरि-मेरी मन कि बात मान नि मान हे मनखी, मिं-जणदु मन कि बात.न लगौ ग्वाया यथ-वथ, कर भितर ह्यन कि...
यही कविता है भाईकि एक संघर्ष के बाद भीलगातार रहना है उनके साथकि जिनको है ज़रूरतआज भी है और थी...
उत्तराखंड राज्य के बीस साल हो गए। इन सालों में उत्तराखंड ने क्या पाया क्या खोया, ये बहस का विषय...
श्री नंदादेवीनंदा देवी में बसते उत्तराखंड के प्राण हैं ,नंदा राज राजेश्वरी उत्तराखंड की ध्याण हैं।नंदा देवी ग्राम ग्राम में...
" अधूरु जीवन " जीवन म सबि धांणी- गांणी , कब ह्वीं पूरी.सच बोन ज्यूकि सोचीं बात, रै जांद अधूरी.....
इतना काफी है। तू मेरी रातो का चमकता चॉद नही…पर तू कही और रोशन है….इतना काफी है। माना अब वक्त...
विभावनी भोर गोधूलि सी आज हुई भोर,आसमान में छाये बादल।घुमड़ -घुमड़ घनघोर,बरस रहा है अमृत जल। अंधकार मिटा कर,नन्हीं नन्हीं...
