यह दक्खण पंथ भी देख लिया जी ! न चुनाव हुए - न राजा हारे, बिना जंग 'सूबे' दार हैं...
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(श्री राम का तीर लगने से बाली मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया है। पढ़िए दोनों का संवाद।) बाली - हे...
बाली को समझाने को। उसे सदमार्ग पर लाने को। राम किष्किंधा पर्वत आए। क्या उनके वचन उसे भाए? बोले बाली...
माँ माँ लक्ष्मी है दौलत है विद्या की देवी सरस्वती है मित्र भी है खोल देते है हम अपनी मन...
रिमझिम बरसो बरखा रानी मौसम कितना सुहावना है सावन जैसा ही लगता है रिमझिम -रिमझिम पानी बरसे छायी बदरिया है...
पत्थर की अभिलाषा चाह नहीं नव निर्माण के.. शिलान्यास में रखा जाऊं! चाह नहीं देवालय में रख कर.. हरि संग...
महाकाल कोरोना आया, सर पर मंडराया मौत का साया ! सवा तीन लाख आज संक्रमित, समय नहीं होने का भ्रमित।...
काली चादर उर में न जानें आज, छाया क्यों। तम जैसे काली चादर ओढ़े। दिशा दिशा बिखरी है क्यों, तम...
महानायक भीमराव अंबेडकर चलो आज सुनाएं बात जुबानी, महू मध्यप्रदेश की ये,है कहानी। पैदा होगा ऐसा लाल धरा में, गजब...
मेरे मेहमानों को देखो ! आएं हैं मेहमान आजकल मेरे घर पर, कुछ दानें चूंगते, क्रीड़ा करते प्रतिपल। बैठा रहता...
