सुन चेतुआ ओ चेतुआ... सुन चेतुआ, सुन सुनैतू गुन चेतुआ... सुन चेतुआ सुनिले बाबू, मुख मुखैको ज्ञान चेतुआ... देख चेतुआ...
Poet
वक्त क्या क्या सिखा देता है अरे वक्त तुम, क्या क्या सिखा देते हो। कभी हसातें तो, कभी रुला ही...
ताले की चाबी रक्खी है। कितनी खुशफहमी रक्खी है।। तुमने यारब मन में अपने। भर कितनी तल्खी रक्खी है।। अपना...
मातृभूमि के वीर जवान हे! मातृभूमि के वीर जवान, जज्बा इतना क्यों बड़ा है। वतन की खातिर ही तो आज,...
जरा संभल इंसान जरा संभल कर रह इंसान यहां, प्रकृति पर तेरा एहसान होगा। मत कर प्रकृति से छेड़छाड़ अब,...
मन की उलझनें जीवन की अनसुलझी उलझनें, क्यों आज मुझे उलझा रही हैं। निकलूं कैसे उलझनों के भंवर से, उलझनें...
प्रेम का बीज बोकर तो देखो इस बंजर माटी में ए मानव तुम, प्रेम का बीज बोकर तो देखो। चारों...
जीवन झड़ पड़ता डाली से, मैं पतझड़ का पीला पात। इस जग में आया फिर मैं, लेकर फिर से नया...
क्यों कलम तोड़ने को आतुर मै भी रोज स्कूल जाना चाहूं, क्यों घर में कैद करने को आतुर तुम। मैं...
जब सरकार बड़ी है बेरोजगारी दूर होगी अब कैसे, डिग्रियां जब जेबों में पड़ी हैं। रोजगारी के सपने लेकर, आशा...
