हर हर महादेव कह करके बांध शीष भगवा जब निकले हम रण को। माएँ तिलक लगा कर कहती जाओ पुत्र...
साहित्य
मतदान जगी जवा जगी जवा बोट धाद छों लगोणु सुण ल्यावा सुण ल्यावा सुण ल्यावा हे उत्तराखडीयों एक जुट एक...
मेरा देश मेरा मुल्क देश की एकता पर कभी आँच आने नहीं देना। दिलों में दूरियां कभी बढाने नहीं देना॥...
चलो आज एक छोटा सा कदम उठाते हैं, अपने अपने हिस्से का एक दूसरे के लिए बराबरी की झलक दिखलाते...
हिम की चादर ओढ़े पर्वत चांदी की चादर ओढ़े पर्वत, कुछ दिन निंद्रालय में होंगे। बसंत ऋतु की आहट पाते,...
लगता है कि इन नेताओं का विवाद से चोली दामन का साथ है। वो नेता ही क्या जो विवाद से...
नाकुलि सिगानि लतौड़ि आंखुली गिदड़ि गिदड़ि लागी छैना... नाकुली सिगानि लतौड़ि बगी छैना... जर मुड़ा घुड़ पीड़ा लागि हुनि रैगै...
अत्याधुनिक कहलाने के बावजूद अभी भी हम जातिवाद, सांप्रदायिकता के जाल से खुद को बाहर नहीं निकाल पाते हैं। छोटी-छोटी...
लोकतंत्र का आया महोत्सव, तो लो अब जनता की है बारी, होने लगे हैं मुफ्त के वादे, राजनैतिक दलों की...
प्रख्यात समाजसेवी, पर्यावरणविद और बीज बचाओ आंदोलन के संयोजक विजय जड़धारी जी की अद्यतन पुस्तक "उत्तराखंड की प्राकृतिक खाद्य प्रजातियां"...
