एक विनम्र प्रार्थना वोट देण वास्ता अगर बग्त छ घोरदग्डियो एक बार सोच ल्या अपणी थाती माटी खातिर बोट जरुर...
साहित्य
तन्हाई में तन्हाइ मे मेरी आ आकर तुम दिल में शोर मचाते क्यों । अंधियारों से मेरा जोड़ के नाता...
टेंशन वेंशन टेंशन वेंशन लेने गै पेंशन टेंशन लेकर करना क्या? टेंशन लेकर बढ़ती टेंशन टेंशन टेंशन रटना क्या? टेंशन...
चुनाव के समुद्र की लहरों का वेग में कुछ अजीब सा बदलाव नज़र आ रहा है। काफी हद तक मतदाता...
पुरानी पेंशन करो बहाल सुन लो सुन लो ऐ सरकार, बंद करो अब हम पर अत्याचार रख लो एनपीएस तुम...
अलग नहीं तुमसे हूँ मैं दो भले सबको लगें हम, पर अलग नहीं तुमसे हूँ मैं । साज तुम जो...
हंसवाहिनी मां, ज्ञानदायिनी मां अन्धकार निवारिणी मां, प्रकाश दायिनी माँ भ्रमतारिणी मां, वीणा पुस्तक धारिणी मां जय सरस्वती, जय सरस्वती...
वसन्त ऋतु सज-धज कर जिसमें धरती दुल्हन सी बन जाती है सब ऋतुओं में यही ऋतु तो वसन्त ऋतु कहलाती...
एक दिन पूछ बैठे खुद से सवाल तो ज़वाब मे ख्याल उसका आ गया, कोशिश की साझा कर लूं उलझनों...
बाखुलि बांजि बांजि... ओखुली माटा पाटा भरी गई छना बाखुली बांजि बांजि पड़ि रई छना देलि आंगन नानतिना हस्नि खेलनि...
