नाकुलि सिगानि लतौड़ि आंखुली गिदड़ि गिदड़ि लागी छैना... नाकुली सिगानि लतौड़ि बगी छैना... जर मुड़ा घुड़ पीड़ा लागि हुनि रैगै...
साहित्य
अत्याधुनिक कहलाने के बावजूद अभी भी हम जातिवाद, सांप्रदायिकता के जाल से खुद को बाहर नहीं निकाल पाते हैं। छोटी-छोटी...
लोकतंत्र का आया महोत्सव, तो लो अब जनता की है बारी, होने लगे हैं मुफ्त के वादे, राजनैतिक दलों की...
प्रख्यात समाजसेवी, पर्यावरणविद और बीज बचाओ आंदोलन के संयोजक विजय जड़धारी जी की अद्यतन पुस्तक "उत्तराखंड की प्राकृतिक खाद्य प्रजातियां"...
बेटी का विवाह आंगन की फुलवारी में, फूल सी बिटिया को बड़ा किया। पर एक दिन आया ऐसा, माँ बाप...
दिन महीना... दिन महीना इन सालों दिन वार भेटी रौ-3 तुमरो लै हमरो लगै संसार बची रौ-3 दिन महीना इन......
दर्द अब दुबारा सहा जाएगा नहीं कभी कुछ बात याद आ जाये, या कोई लम्हा याद दिला जाये तो, मुझे...
मत करि लियो मत करि लियो, मत करि लियो जनता नेता भरोसो मत करि लियो कर लियो आपन जुगाड़ जनता...
त्यारो रूप च माता निराळा त्यारा गळा मा मोत्यों की माळा कमल आसन मा त्यारो डेरा रैंदू हथ्यों मा माळा...
तुम लड़की नहीं हो न तुम लड़की नहीं हो न, फिर हमारे दर्द को क्या समझोगे ..!! वो सुनसान रास्तों...
