पुरानी पेंशन करो बहाल सुन लो सुन लो ऐ सरकार, बंद करो अब हम पर अत्याचार रख लो एनपीएस तुम...
साहित्य
अलग नहीं तुमसे हूँ मैं दो भले सबको लगें हम, पर अलग नहीं तुमसे हूँ मैं । साज तुम जो...
हंसवाहिनी मां, ज्ञानदायिनी मां अन्धकार निवारिणी मां, प्रकाश दायिनी माँ भ्रमतारिणी मां, वीणा पुस्तक धारिणी मां जय सरस्वती, जय सरस्वती...
वसन्त ऋतु सज-धज कर जिसमें धरती दुल्हन सी बन जाती है सब ऋतुओं में यही ऋतु तो वसन्त ऋतु कहलाती...
एक दिन पूछ बैठे खुद से सवाल तो ज़वाब मे ख्याल उसका आ गया, कोशिश की साझा कर लूं उलझनों...
बाखुलि बांजि बांजि... ओखुली माटा पाटा भरी गई छना बाखुली बांजि बांजि पड़ि रई छना देलि आंगन नानतिना हस्नि खेलनि...
समाजसेवी अन्ना हजारे का आंदोलन और बड़ी संख्या में युवा वर्ग का उससे जुड़ना। शहर व गांव में युवकों ने...
शिकायत रही तुम्हें हर दर्द तेरा अपना लिया हमने फिर भी शिकायत रही तुम्हें खुशियों की खातिर तेरी खुद को...
कई बार तो देखा गया कि शुरुआत में जिस चीज का विरोध होता है, बाद में वही काम की निकलती...
उन दिनों पोपटलाल जी काफी खुश नजर आ रहे थे। बात वर्ष 2013 की है। उन्होंने पहले से ज्यादा घूमना...
