हर सुबह एक्वेरियम के आगे जैसे ही मैं पहुंचता हूं, तो भोजन की चाहत में उसके भीतर इतराती मछलियां ऊछल-कूद...
साहित्य
एक सुबह जब प्रकाश की नींद खुली तो बांयी आंख में दर्द हो रहा था। आंख पूरी तरह से नहीं...
क्या कोई कहेगा युद्धविराम निर्दोषों का खून बहाकर फिर मानवता हुई कलंकित विश्व युद्ध की आहट को सुन, सब के...
वन अनुसंधान संस्थान में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने हिंदी के सरल प्रयोग और...
बांझा गौं की पीड़ा दौड़ी दौड़ी सरासर ऊंधार्यूं का बाटा,ऊंधार्यूं बाटा चलि ग्यांवा दूर तुम दूर म्यारा लाटा दूर म्यारा...
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी औलाद उनके मनमुताबिक सही राह पर चले। सही व गलत को समझे,...
सत्यं शिवं सुन्दरं अक्सर शिव जीता है हम सबके भीतर तब जब हम जिन्दगी के कष्टों को घूंट घूंट कर...
चाहे कोई त्योहार हो या फिर धार्मिक अनुष्ठान। अब सभी में दिखावा ज्यादा ही होने लगा है। हमारे पर्वों का...
मैं अविनाशी काशी वासी महाकाल प्रलयंकर हूँ हाँ मैं शंकर हूँ हाँ मैं शंकर हूँ मरघट वासी मैं कैलासी मणिकर्णिकाघाट...
किसी काम से रिटायर होना यानी सेवानिवृत होना। कितना अटपटा लगता है रिटायर शब्द को सुनकर। सबसे अटपटा तो उसे...
