Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 14, 2026

शिक्षक राजेंद्र प्रसाद जोशी की कविता-अब जनता की है बारी

राजेंद्र प्रसाद जोशी की कविता-अब जनता की है बारी।

लोकतंत्र का आया महोत्सव, तो लो अब जनता की है बारी,
होने लगे हैं मुफ्त के वादे, राजनैतिक दलों की भी है तैयारी ।
कोई बिजली बिल माफ कराए, कोई पानी मुफ्त बटवाता,
जनता में भी करंट दौड़ रहा, देखो किसका बटन दबाता ।
कहीं बंट रहे फ्री लैपटॉप, किसी का टैबलेट देने का वादा,
शिक्षा की तुम बात न करना, इससे नेता जी का जी घबराता ।
बेरोजगारी इनसे दूर न होती, कहते ले लो हमसे भत्ता,
युवाओं की कहां फिक्र किसी को, इनके ख्वाबों में बस सत्ता ।
कोई बाटे साड़ी, कंबल, कोई बाटे शराब, कवाब,
अगर आ गए इस चक्कर में, तो समझो कर लिए साल खराब ।
जाति, धर्म के नाम न बटना, सही, गलत का फर्क समझना,
उज्ज्वल करे जो भविष्य तुम्हारा, अपना वोट उसी को करना ।

कवि का परिचय
राजेंद्र प्रसाद जोशी
अनुदेशक (Instructor)
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला) देहरादून, उत्तराखंड।