देहरादून में रंगायन ने सजाई शायरों व कवियों की महफिल
उत्तराखंड की अग्रणी सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था रंगायन एसोसिएशन की ओर से दो दिवसीय रंगोत्सव के प्रथम दिवस में कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल व उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कवि सम्मेलन व मुशायरे की अध्यक्षता प्रदेश के मशहूर शायर ज़िया बदरुद्दीन ने व संचालन नामचीन शायर व साहित्यकार सुनील साहिल ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश की वरिष्ठ साहित्यकार और कवित्री डौली डबराल ने महिला शक्ति को समर्पित अपनी बेहतरीन रचना “पायदान मैं नहीं किसी की ना चौखट में पड़ी हुई हूं। ना दुत्कारे कोई मुझको अपने दम पर खड़ी हुई हूं”। सुनाकर कर खूब तालियां बटोरी। वरिष्ठ कवि सतीश बंसल ने अपनी कविता जो शहीदों ने अपने लहू से लिखी फ़र्ज़ है वो इबारत संजो रखें, मजहबों के सभी मोतियों को चलो डोर में एकता के पिरो रखें।” से सबको दाद देने पर विवश कर दिया। युवा शायर अमजद खान अमजद ने अपने शेरों व नज़्मों से पूरे सभागार का वातावरण खुशगवार कर दिया। उनका शेर “चलना मुश्किल कर देता है मुफलिस का, खाली जेब भी कितना भारी होता है ” पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिया बदरुद्दीन ने अपने कलाम- फूल की अब जरूरत नहीं, अब कली की जरूरत नहीं। आप ही मिल गए जब हमें, अब किसी की जरूरत नहीं, पढ़कर खूब तालियां बटोरी। देहरादून की मशहूर कवित्री मोनिका मंत्शा ने अपने गीत ” नफ़रतों से दूर तक भी नहीं मेरा वास्ता मोनिका मंत्शा हूं मैं मोनिका मंत्शा” पड़ कर खूब तारीफ बटोरी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
लंबी चली इस शेरों शायरी व कविताओं की जुगलबंदी में युवा शायर आरिफ अतीब, आनंद सिंह शाह, राही नहटौरी, कमाल तकि ने अपनी रचनाओं से खूब वाह वाह वाह लूटी। कार्यक्रम की संयोजिका व रंगायन एसोसिएशन की अध्यक्ष निवेदिता बौंठियाल ने स्वास्थ मंत्री सुबोध उनियाल, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का पुष्प गुच्छ दे कर व शाल पहनाकर अभिनंदन किया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



