Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

August 10, 2026

रेलवे टैक्सी यूनियन विवाद सीएम के दरबार पहुंचा, धस्माना के नेतृत्व में टैक्सी यूनियन पदाधिकारी सीएम से मिले

देहरादून में रेलवे स्टेशन की पार्किंग में दून टैक्सी स्टैंड का गाड़ियों के साथ पार्किंग व संचालन का मुद्दा आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दरबार पहुंच गया।

देहरादून में रेलवे स्टेशन की पार्किंग में दून टैक्सी स्टैंड का गाड़ियों के साथ पार्किंग व संचालन का मुद्दा आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दरबार पहुंच गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व दून टैक्सी यूनियन के संरक्षक सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में सीएम आवास पर यूनियन के पदाधिकारी पहुंचे और उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही सीएम से आग्रह किया कि इस मामले में रेलवे मंत्रालय से बात कर 27 जुलाई 2015 को रेलवे विभाग, जिला देहरादून प्रशाशन व टैक्सी यूनियन के बीच हुए समझौते को यथावत लागू रखने के निर्देश दिए जाएं।
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले पांच दशकों से भी ज्यादा समय से रेलवे स्टेशन के बाहर रोडवेज के हिल डिपो के बगल में दून टैक्सी स्टैंड की पार्किंग व यूनियन का दफ्तर था। रेलवे की भूमि पर बने इस स्टैंड का बाकायदा किराया रेलवे विभाग को दिया जाता है। वर्ष 2015 में रेलवे के सौन्दर्यकरण व विस्तार का हवाला दे कर बस स्टैंड व टैक्सी स्टैंड को खाली करने के लिए रेलवे विभाग ने कहा। इस पर टैक्सी यूनियन ने आंदोलन किया था और 27 जुलाई 2015 को जिला प्रशाशन की मध्यस्तता में रेलवे विभाग जिला प्रशासन व टैक्सी यूनियन का समझौता हुआ। इसमें रेलवे की जमीन खाली करने के एवज में रेलवे की पार्किंग में एक बूथ लगा कर व एक समय में 5 टैक्सी पार्क कर संचालन की सहमति बनी।
उन्होंने बताया कि उक्त समझौते के तहत 2020 तक यह व्यवस्था चली। कोविडकाल में रेल बंद होने के साथ ही टैक्सी सेवा भी बंद हो गयी। टैक्सी यूनियन के बूथ पर कोविड टेस्टिंग का बूथ खोल दिया गया। अब कोविड प्रोटोकॉल खत्म हो गया और रेल व अन्य यातायात सामान्य हो गया तो टैक्सी यूनियन अपना बूथ संचालित करने की बात लेकर रेलवे अधिकारियों से मिले।उन्होंने कहा कि विभाग अब टैक्सी संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया करेगा, जो कि 27 जुलाई को हुए समझौते के खिलाफ है।
धस्माना ने कहा कि रोडवेज के हिल डिपो ने रेलवे की भूमि आज तक खाली नहीं की। वहां पूर्व की तरह बसों का संचालन चल रहा है। वहीं, रेलवे, जिला प्रशाशन के साथ समझौता कर भूमि खाली करने के बाद टैक्सी यूनियन के साथ अन्याय किया जा रहा है। इससे लगभग एक हज़ार परिवारों की रोटी रोजी प्रभावित होगी। धस्माना ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे रेलवे के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर 27 जुलाई 2015 के समझौते का पालन करने के निर्देश दे कर समस्या का समाधान करवाएं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धस्माना व उनके साथ गए टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे डीआरएम मुरादाबाद से इस संबंध में वार्ता करेंगे। अगर आवश्यकता होगी तो दिल्ली मंत्रालय भी बात करेंगे। मुख्यमंत्री से धस्माना के साथ मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के अध्यक्ष राजेन्द्र आनंद, मुकेश कुमार, वीरेंद्र बहुगुणा, राजेन्द्र भंडारी शामिल रहे।