बीकेटीसी की कार्यशैली और अब तक गठित सभी बोर्डों की हो निष्पक्ष जांच: लूशुन टोडरिया
उत्तराखंड क्रांति दल के मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति वर्षों से लगातार विभिन्न विवादों और अनियमितताओं के कारण चर्चा में रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
टोडरिया ने कहा कि राज्य गठन के बाद से ही बीकेटीसी में समय समय पर बैकडोर नियुक्तियों, वित्तीय अनियमितताओं तथा धार्मिक परंपराओं के साथ छेड़छाड़ जैसे अनेक गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इन मामलों की जिम्मेदारी लेने के लिए न तो मंदिर समिति का कोई अधिकारी आगे आता है और न ही सरकार से जुड़ा कोई जिम्मेदार व्यक्ति। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आस्था के सबसे बड़े केंद्रों का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। यदि समिति के कार्यों पर लगातार प्रश्नचिह्न लग रहे हैं, तो जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। लूशुन टोडरिया ने मांग की कि उत्तराखंड राज्य गठन से लेकर वर्तमान तक बीकेटीसी के सभी गठित बोर्डों के कार्यकाल, नियुक्तियों, वित्तीय निर्णयों एवं प्रशासनिक कार्यों की उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान (सिटिंग) अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमितता या पद के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। टोडरिया ने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक संस्थाओं की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में पारदर्शी जांच ही सबसे उचित कदम होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के ये हैं आरोप
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में हेरफेर और चोरी का विवाद सामने आया है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने शुक्रवार तीन जुलाई, 2026 को एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले को लेकर ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से शिकायत की थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि शामिल संदिग्ध कर्मचारी BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का निजी सचिव (Personal Secretary) है। इस पर सफाई देते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा था कि यह दावा पूरी तरह गलत है। वह व्यक्ति उनका कोई निजी सचिव नहीं है, बल्कि वह बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का एक नियमित सरकारी कर्मचारी है।
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