हल्द्वानी के पत्रकार भी नाराज, न्यूज़ पोर्टल के विज्ञापन रेट पर पुनर्विचार की मांग
उत्तराखंड में न्यूज पोर्टल संचालित करने वाले पत्रकार सरकार से नाराज हैं। विधानसभा चुनाव निकट हैं, ऐसे में इनके गुस्से को यदि सरकार को झेलना पड़ा तो हो सकता है कि स्थिति बिगड़ जाए। साथ ही दूसरे दलों के लोगों को थाली में ऐसी सामग्री मिल जाए, जिसकी सत्ताधारी दल बीजेपी ने अपेक्षा की हो। पूरे उत्तराखंड के न्यूज पोर्टल का संचालन करने वाले पत्रकारों में ये छटपटाहट सरकार या कहें सूचना विभाग के जरिये तय किए गए विज्ञापन की दरों को लेकर है। अब हम मूल समस्या का विवरण दे रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि उत्तराखंड में न्यूज पोर्टलों को सूचीबद्ध करने और विज्ञापन की दरें तय करने के लिए सूचना विभाग और सरकार की आलोचना हो रही है। नई दरों में 728×90 (टॉप), 300×250 (टॉप), 300×600(मीडिल), 970×250 (मिडिल), पांच सेकेंड से लेकर 30 सेकेंड तक, या 30 सेकेंड से लेकर दो मिनट तक के विज्ञापनों में सबका रेट एक ही 1200 रुपये कर दिया गया है। इससे पहले तक बैनर और वीडियो की दरें दस- दस हजार रुपये थी। वहीं, अन्य फोटो विज्ञापन की दर छह हजार रुपये थी। महंगाई बढ़ी लेकिन सूचना विभाग ने दरों को 80 फीसद कम कर दिया है। इसे लेकर प्रदेशभर के न्यूज पोर्टल की ओर से विरोध शुरू हो चुका है। राजधानी देहरादून के साथ ही राज्य के अन्य हिस्सों से भी आवाज उठने लगी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में हिमालयन डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के बैनर तले न्यूज़ पोर्टल संचालकों की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 के लिए न्यूज़ पोर्टल की इनपैनलमेंट प्रक्रिया एवं टेंडर में निर्धारित खुले विज्ञापन रेट को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने सोमवार को सूचना महानिदेशालय की ओर से वर्ष 2026 के लिए न्यूज़ पोर्टलों के इनपैनलमेंट की निविदा खोले जाने के बाद संचालकों ने निर्धारित विज्ञापन दरों पर आश्चर्य व्यक्त किया। उनका कहना है कि वर्तमान दरें न्यूज़ पोर्टलों के संचालन एवं खर्चों को देखते हुए उचित नहीं हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में सभी न्यूज़ पोर्टल संचालकों ने सूचना महानिदेशक से अपील की कि विज्ञापन की निर्धारित दरों पर पुनर्विचार किया जाए और पोर्टल संचालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित एवं व्यवहारिक दरें निर्धारित की जाएं। संचालकों ने कहा कि डिजिटल मीडिया लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, इसलिए उसके आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
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बैठक में गिरीश जोशी, तारा जोशी, ईश्वरी दत्त भट्ट, महेंद्र सिंह नेगी, धर्मानंद खोलिया, सुरेश पाठक, दिनेश पांडेय, हर्ष रावत, अंकित साह, जीवन राज, सचिन जोशी, मोहन कांडपाल, अकरम सिद्दीकी सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।
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