न्यूज पोर्टल की आवाज बनी उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, उठाया डिजिटल मीडिया की विज्ञापन दरों का मुद्दा
पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने डिजिटल मीडिया संस्थानों की विज्ञापन दरों का मामला सूचना विभाग के समक्ष रखा। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी से मुलाकात कर न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों को मिलने वाले विज्ञापनों की वर्तमान दरों में यथोचित वृद्धि किए जाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और संचालन लागत में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए वर्तमान विज्ञापन दरें अब व्यावहारिक नहीं रह गई हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि उत्तराखंड में न्यूज पोर्टलों को सूचीबद्ध करने और विज्ञापन की दरें तय करने के लिए सूचना विभाग और सरकार की आलोचना हो रही है। नई दरों में 728×90 (टॉप), 300×250 (टॉप), 300×600(मीडिल), 970×250 (मिडिल), पांच सेकेंड से लेकर 30 सेकेंड तक, या 30 सेकेंड से लेकर दो मिनट तक के विज्ञापनों में सबका रेट एक ही 1200 रुपये कर दिया गया है। इससे पहले तक बैनर और वीडियो की दरें दस- दस हजार रुपये थी। वहीं, अन्य फोटो विज्ञापन की दर छह हजार रुपये थी। महंगाई बढ़ी लेकिन सूचना विभाग ने दरों को 80 फीसद कम कर दिया है। इस मामले में उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन न्यूज पोर्टल को संचालित करने वाले छोटे पत्रकारों की आवाज बनी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यूनियन की ओर से सूचना महानिदेशक को सौंपे गए पत्र में विभाग में विज्ञापन के लिए सूचीबद्ध न्यूज पोर्टल/वेबसाइटों के बैनर एवं वीडियो एड फिल्मों की निर्धारित दरों पर पुनर्विचार का अनुरोध किया गया। पत्र में कहा गया कि वर्तमान में प्रति बैनर/वीडियो फिल्म एड विज्ञापन की दर लगभग 1,200 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है, जबकि कुल 7,200 रुपये प्रतिमाह की विज्ञापन दर तय है। यूनियन का कहना है कि डिजिटल मीडिया संचालन में सर्वर, तकनीकी रख-रखाव, स्टाफ, कंटेंट निर्माण, कैमरा, वीडियो एडिटिंग, वेबसाइट प्रबंधन और अन्य तकनीकी संसाधनों पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि न्यूज पोर्टल और वेबसाइट आज सूचना एवं समाचार के प्रसार का सशक्त माध्यम हैं। सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और जनहित से जुड़ी सूचनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में डिजिटल मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद पोर्टलों के संचालन पर बढ़ते खर्च के अनुरूप विज्ञापन दरों में बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग में सूचीबद्ध किए गए न्यूज पोर्टलों और वेबसाइटों को प्रतिमाह एक सम्मानजनक राशि का विज्ञापन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि ये संस्थान आर्थिक रूप से मजबूत होकर नियमित और गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को जारी रख सकें। इससे पोर्टलों को अपने पत्रकारों और तकनीकी स्टाफ को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ समाचार संकलन, वेबसाइट संचालन और डिजिटल कंटेंट निर्माण को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अरुण शर्मा ने कहा कि डिजिटल मीडिया केवल व्यावसायिक माध्यम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच सूचनाओं के सेतु के रूप में भी काम कर रहा है। ऐसे में सूचीबद्ध पोर्टलों को मजबूत करना प्रदेश में स्वस्थ और जिम्मेदार डिजिटल पत्रकारिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने मांग की कि 7,200 रुपये की वर्तमान बैनर विज्ञापन दर पर पुनर्विचार करते हुए वर्तमान बाजार परिस्थितियों और संचालन लागत के अनुरूप सम्मानजनक विज्ञापन राशि निर्धारित की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के हितों को लेकर सरकार और सूचना विभाग पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और पत्रकारों के हितों की अनदेखी किसी भी स्तर पर नहीं होने दी जाएगी। डिजिटल मीडिया आज समाचार और जनहितकारी सूचनाओं को जनता तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है, इसलिए इससे जुड़े संस्थानों की व्यावहारिक समस्याओं को भी गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि न्यूज पोर्टल और वेबसाइटों की विज्ञापन दरों में संशोधन से संबंधित यूनियन की मांग को विभागीय स्तर पर नियमानुसार परीक्षण कराया जाएगा। पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर सरकार का दृष्टिकोण सकारात्मक है और आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्रकारों के हितों का किसी भी स्तर पर अहित नहीं होने दिया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सूचना विभाग पत्रकारों और डिजिटल मीडिया संस्थानों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए विज्ञापन दरों के पुनर्निर्धारण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा। यूनियन ने कहा कि पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और विभाग के साथ संवाद आगे भी जारी रखा जाएगा।
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