हिमालय पुत्र स्वर्गीय बहुगुणा को 107वीं जयंती पर सीएम धामी सहित कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजलि
हिमालय पुत्र एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती पर उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्व. बहुगुणा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स बहुगुणाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, इसी स्थान पर उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने स्व. बहुगुणा को श्रद्धांजलि अर्पित की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हिमालय सा विराट व्यक्तित्व था एचएन बहुगुणा काः सूर्यकांत धस्मानादेश के स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गढ़वाल के बुगाणी गांव में जन्मे हेमवती नंदन बहुगुणा ने पहाड़ों की कंदराओं से निकल कर प्रयागराज की धरती को अपना कर्म क्षेत्र बनाया। इसके साथ ही वह देश की राजनीति में छा गए। उन्होंने अपनी कर्मठता, अपनी प्रशासनिक क्षमताओं व सिद्धांतों की राजनीति से अपना व्यक्तित्व हिमालय की तरह विराट बना दिया था। यह बात शनिवार को स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर घंटाघर स्थित स्वर्गीय बहुगुणा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व हेमवती नंदन बहुगुणा मानव संसाधन विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि बहुगुणा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के माध्यम से देश की आजादी के आंदोलन में कूदे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में अपनी ऐसी छवि बनाई कि देश के पहले चुनाव में उत्तरप्रदेश की विधानसभा में इलाहाबाद की बारा विधानसभा से जीत कर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर देखने का नाम नहीं लिया और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और देश के प्रमुख राजनैतिक दलों में महत्वपूर्ण पदों पर बहुगुणा जी रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा ने उत्तरप्रदेश जैसे विशाल प्रदेश की बागडोर ऐसे समय में संभाली थी, जब वहां पीएसी बगावत की वजह से स्थितियां बहुत विकट थीं। उनकी प्रशासनिक सूझबूझ से उनके नेतृत्व में उत्तरप्रदेश देश का अग्रणी प्रदेश बना। केंद्रीय दूर संचार मंत्री, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में उनके कार्य आज भी जनता याद करती है। इसके साथ ही धस्माना ने बहुगुणाजी के संस्मरण भी सुनाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर देहरादून महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी कांग्रेस के पहले व अंतिम मुख्य महासचिव थे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने उनके लिए कांग्रेस के संविधान में संशोधन कर मुख्य महासचिव का पद सर्जित किया था। इस अवसर पर कांग्रेस के श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेस अध्यक्ष दिनेश कौशल, कांग्रेस पार्षद संगीता गुप्ता, पार्षद अभिषेक तिवारी, पार्षद जाहिद अंसारी, पार्षद मुकीम अहमद, पूर्व पार्षद राजेश पुंडीर, पूर्व पार्षद राजेश उनियाल, सुनील जायसवाल, पूनम कंडारी, कमर सिद्दीकी, फरीद बेग, सुशीला शर्मा आदि बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


