तुम सुनो तो फिर से अपनी बात कर लें दिल के भीतर सिल चुके जज्बात कह लें मिट गये थे...
साहित्य जगत
कलम खामोश कलम खामोश कर दी अब लगा कर रोप कर दी तब रखे थे जो तखत पर सब जला...
दुखड़ा कभै मेरा दुखड़ा कभै मेरा कोई नै सुनैना द्वी बीसी पुरि है गई नै कोई बैऊना ईजु बौज्यु बुड़ा...
बचपन में रात को सोने से पहले मैं मां को कहानी सुनाने को कहता था। गर्मी के दिनों में तो...
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान की ओर से आयोजित...
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से सोमवार को उत्तराखंड की सबसे प्राचीन और विलुप्तप्राय जनजाति 'राजी' (वनरावत) के...
शप्थ चोट चड़ी चटक मार मौक मिलै फटक मार हटत छोड़ि झटक मार गमका आंसू गटक मार शान शौकत ठस्क...
ठगो नहीं... अच्हारे हर एक बेवस को।। टेक।। ठगो नहीं रे ठगव्वा लोग... हर एक बेवस को सबको ठग ठग...
बचो बचो अच्हारे कलयुग आ रौ छ।। टेक।। बचो बचो शहर के लोग... कलयुग रौ छ भ्राता सखा और बंधु...
अच्हारे लड़कों कलयुग भाई क्यों बैरी।। टेक।। कैसी अधर्म की जीत...लड़को कलयुग भाई क्यों बैरी बचपन में तब लाड़ से...
