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April 25, 2026

गर्मियों में अधिवक्ताओं को परेशान करता है काला कोट, देहरादून के युवा वकील ने उच्च न्यायालय से की छूट की मांग

गर्मियों में कोट पहनने का मतलब है कि खुद को और अधिक परेशानी में डालना। पसीने से तरबतर होना। ऐसे में यदि कोट का रंग काला हो तो परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अब न्यायालय में देखिए। यहां पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के लिए काला कोट पहनना जरूरी होता है। ऐसे में देहरादून के युवा अधिवक्ता शिवा वर्मा ने इस परेशानी को महसूस करते हुए उच्च न्यायालय नैनीताल से मांग की है कि ग्रीष्म ऋतु में काला कोट पहनने से छूट या शिथिलता प्रदान की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उच्च न्यायालय के महानिबंधक को शिवा वर्मा ने पत्र प्रेषित किया। इसमें कहा गया कि राज्य में वर्तमान समय में अत्यधिक गर्मी एवं हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ताओं के लिए काला कोट पहनना अत्यंत कष्टसाध्य हो गया है। इससे न केवल असुविधा उत्पन्न होती है, अपितु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की भी संभावना बनी रहती है। इस कारण उनके पेशेवर कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन में बाधा उत्पन्न होती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

शिवा वर्मा ने कहा कि जनरल रूल्स (सिविल) के अध्याय XXVII के नियम 615 के अंतर्गत ग्रीष्म ऋतु में अधिवक्ताओं के परिधान में शिथिलता का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार काले कोट के स्थान पर हल्के रंग के कोट, अचकन, शेरवानी पहनने की अनुमति प्रदान की गई है। उक्त प्रावधान अधिवक्ताओं की सुविधा एवं स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से बनाया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि देहरादून, उधम सिंह नगर एवं हरिद्वार जनपद ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक तापमान एवं हीटवेव से सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं। अतः इन जनपदों में उक्त शिथिलता प्रदान किया जाना अत्यावश्यक है। ऐसे में उक्त तथ्यों एवं विधिक प्रावधानों के दृष्टिगत न्याय के हित में अधिवक्ताओं के लिए समुचित एवं न्यायोचित कार्य परिस्थितियाँ सुनिश्चित करने के लिए ग्रीष्मकालीन अवधि में उक्त शिथिलता को प्रभावी रूप से लागू किया जाना आवश्यक है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

शिवा वर्मा ने उच्च न्यायालय नैनीताल से अनुरोध किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान काला कोट पहनने की अनिवार्यता से छूट प्रदान करने के लिए आवश्यक आदेश/अधिसूचना जारी की जाए। या फिर अधिवक्ताओं को नियम 615, जनरल रूल्स (सिविल) के अनुसार हल्के रंग के कोट अथवा उपयुक्त ग्रीष्मकालीन परिधान में न्यायालय में उपस्थित होने की अनुमति प्रदान की जाए। विशेष रूप से देहरादून, उधम सिंह नगर एवं हरिद्वार जनपदों में ये छूट दी जानी चाहिए।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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