एसआरएचयू ने वेलनेस व टूरिज्म में लॉन्च किया नया बीबीए प्रोग्राम, वीएफएस ग्लोबल और क्लेरिसा ग्रुप से ऐतिहासिक साझेदारी
उद्योग व एकीकृत शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देहरादून स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट ने वैश्विक यात्रा सेवा प्रदाता वीएफएस ग्लोबल और प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी समूह क्लेरिसा ग्रुप के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत विश्वविद्यालय में ‘बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (टूरिज्म एंड वेलनेस) नया शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एसआरएचयू का सुसज्जित एवं हरित परिसर, जिसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं ध्यान केंद्र भी शामिल हैं, विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत शिक्षण प्रयोगशाला के रूप में कार्य करेगा। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एसएमएस) के छात्र प्रबंधन शिक्षा के साथ-साथ योग, वेलनेस और समग्र जीवनशैली के सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीख सकेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि यह साझेदारी उद्योग-एकीकृत शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। इससे छात्रों को उत्कृष्ट अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने प्रथम बैच के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि यह समझौता एसआरएचयू की भविष्य-उन्मुख शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो छात्रों को व्यावहारिक कौशल एवं वैश्विक दृष्टिकोण से सशक्त बनाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की निदेशक प्रो. तरुणा गौतम ने बताया कि यह पाठ्यक्रम पारंपरिक वेलनेस ज्ञान और आधुनिक कॉर्पोरेट प्रबंधन का उत्कृष्ट संयोजन है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उद्योग सहयोग
क्लेरिसा ग्रुप के सहयोग से विद्यार्थियों को आतिथ्य प्रबंधन एवं रिसॉर्ट संचालन में व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप के अवसर मिलेंगे, जबकि वीएफएस ग्लोबल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संचालन एवं वैश्विक यात्रा प्रबंधन से जुड़ी विशेषज्ञता साझा करेगा।
कोर्स की विशेषताएं
-वेलनेस और टूरिज्म पर आधारित आधुनिक बीबीए प्रोग्राम
-बीबीए (टूरिज्म एंड वेलनेस) के रूप में विशिष्ट पहचान
-प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक प्रबंधन का समन्वय
-उद्योग-आधारित प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर
-योग, ध्यान और समग्र जीवनशैली की व्यवहारिक शिक्षा
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