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August 5, 2026

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के खिलाफ एक और मामला पहुंचा हाईकोर्ट, इस बार सलाहकारों पर निजी भूमि में सरकारी खर्च से पुल बनाने का आरोप

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से संबंधित एक और मामला हाईकोर्ट नैनीताल पहुंच गया। इस बार उनके सलाहकारों पर भूमि खरीदने के बाद उक्त स्थल पर सरकारी बजट से पुल निर्माण का आरोप है।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से संबंधित एक और मामला हाईकोर्ट नैनीताल पहुंच गया। इस बार उनके सलाहकारों पर भूमि खरीदने के बाद उक्त स्थल पर सरकारी बजट से पुल निर्माण का आरोप है। इससे पहले हाईकोर्ट भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व सीएम के खिलाफ सीबीआइ जांच का आदेश दे चुका है। इस आदेश के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्थगन आदेश लिया था।
अब हाई कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सलाहकारों की ओर से भूमि खरीदने के बाद वहां सरकारी बजट से पुल निर्माण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की गई। कोर्ट ने राज्‍य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर इस मामले में आपत्ति दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही याचिकाकर्ता को भी ठोस सबूत कोर्ट में पेश करने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार उमेश कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उक्त आदेश दिए। याचिका में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पूर्व सलाहकार धीरेंद्र पंवार व मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने पद का प्रभाव दिखाकर 45 बीघा से अधिक जमीन कौड़ियों के भाव खरीद ली।
उन्होंने देहरादून की बंजर भूमि पर आबादी दिखाकर वहां सरकारी धन से नदी पार करने के लिए भारी भरकम पुल बनवा दिया। इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है। इनके द्वारा सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जिसकी जांच की जाए। मामले में कोर्ट ने राज्‍य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर आपत्ति दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही याचिकाकर्ता को भी ठोस सबूत कोर्ट में पेश करने को कहा है।
उमेश कुमार कुमार का परिचय
उमेश कुमार पत्रकारिता में अपने स्टिंग ऑपरेशनों के लिए जाने जाते हैं। वह हरीश रावत सरकार में स्टिंग ऑपरेशन करने के बाद से सुर्खियों में आए थे। उसके पहले उन्‍होंने रमेश पोखरियाल निशंक सरकार के सरकारी प्रोजेक्ट का स्टिंग किया था। उमेश कुमार की उत्तराखंड सरकार से ज्यादातर ठनी ही रही और सरकार के खिलाफ किए गए स्टिंग ने उन्‍हें चर्चा में रखा। उन्होंने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर भी कई आरोप लगाए और इसके वीडियो भी जारी किए थे। साथ ही ये मामला हाईकोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे।