कम मानदेय में लिया जमकर काम, मानदेय बढ़ा तो हटा दिया, आशाओं ने बीएलओ ड्यूटी से हटाने का किया विरोध
सीटू से संबद्ध उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून के जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें बीएलओ ड्यूटी से हटाने का विरोध दर्ज किया। साथ ही बीएलओ ड्यूटी लगाने की मांग की गई। इस अवसर पर डीएम के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन भेजे गए। इससे पहले डीएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन भी किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर सीटू के जिला महामंत्री लेखराज व आशा यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि जिस समय बीएलओ ड्यूटी करने का बहुत कम पैसा मिलता था, उस समय आशाओं से बीएलओ का खूब काम करवाया गया। आज जब बीएलओ के मानदेय में बढ़ोत्तरी की गई तो आशाओं को इस कार्य से हटाया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि वर्तमान में आशा कार्यकर्ता बीएलओ ड्यूटी कर करके परिपक्व हो गईं हैं। ऐसे में उन्हें हटाया जाना न्यायोचित नहीं है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आश्वस्त किया कि वे इस विषय में जानकारी ले कर कार्यवाही करेंगे और वे उनकी इस मांग को भारत निर्वाचन आयोग व उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग को भेज देंगे। प्रतिनिधिमंडल में नीरा कंडारी, नीरज यादव, तारा, शबाना, शशि बाला, नागेश्वरी, अंजलि, स्नेह लता, अनुराधा, मधु, राधा, अनीता आदि शामिल थीं।
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